आपदा से बचने की तैयारियों का महत्व समझें-गुलेरिया-
बचत भवन में आपदा प्रबंधन पर आरंभ हुई चार दिवसीय कार्यशाला-
सुनामी ब्यूरो राजीव-
 सहायक आयुक्त डा. अमित गुलेरिया ने कहा है कि प्राकृतिक आपदाओं या किसी भी तरह की अन्य आपात परिस्थिति से बचाव के लिए हर विभाग, संस्थान, संस्था, परिवार और समुदाय की तैयारी होनी चाहिए। यह तैयारी किसी भी तरह की आपदा की स्थिति से निपटने में मदद करती है और आपदा से होने वाले नुक्सान को काफी हद तक कम कर सकती है। डा. अमित गुलेरिया मंगलवार को बचत भवन में संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी) के अंतर्गत जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) द्वारा राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सहयोग से आयोजित की जा रही चार दिवसीय कार्यशाला के उदघाटन सत्र को संबोधित कर रहे थे। इस कार्यशाला में विभिन्न विभागों व सार्वजनिक उपक्रमों के अधिकारियों के अलावा विभिन्न संस्थाओं के पदाधिकारी भी भाग ले रहे हैं। डा. गुलेरिया ने कहा कि भारत में आम जनमानस आम तौर पर आपदा प्रबंधन पर कम ध्यान देता है और आपात परिस्थितियों से निपटने के लिए उसकी कोई तैयारी नहीं होती है। हमें आपदाओं के संभावित खतरों के मद्देनजर सभी तैयारियों का महत्व समझना चाहिए और हर परिस्थिति से निपटने के लिए पहले से ही तैयार रहना चाहिए। चार दिवसीय कार्यशाला के आयोजन की सराहना करते हुए सहायक आयुक्त ने कहा कि इससे विभागीय अधिकारी और विभिन्न संस्थाओं के पदाधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में बेहतर आपदा प्रबंधन करने में सक्षम होंगे तथा किसी भी तरह की आपात परिस्थिति में राहत व बचाव कार्यों में योगदान दे सकेंगे। उन्होंने सभी प्रतिभागियों से कहा कि वे प्रशिक्षण के बाद अपने-अपने क्षेत्रों में अन्य लोगों को भी प्रशिक्षित करें तथा उन्हें आपदा प्रबंधन का महत्व समझाएं। इस अवसर पर डीडीएमए की प्रशिक्षण प्रभारी हरकंचन ने सहायक आयुक्त, सभी प्रतिभागियों और यूएनडीपी के विशेषज्ञों का स्वागत किया तथा कार्यशाला की रूपरेखा की जानकारी दी। पहले दिन के विभिन्न सत्रों में यूएनडीपी के विशेषज्ञ मृणाल नाथ और दानिश ने प्रतिभागियों को आपदा के संभावित खतरों और मौजूदा समय में आपदा प्रबंधन की आवश्यकताओं पर विस्तार से जानकारी दी। इस दौरान प्रतिभागियों को टेबल एक्सरसाइज के माध्यम से भी आपदा प्रबंधन की बारीकियां सिखाई गईं।

LEAVE A REPLY