नवीन कुमार/नई दिल्ली :- राजधानी दिल्ली के  अलावा अन्य कुछ राज्यों में  इन दिनों  अजीबो तरह का  दहशत का माहौल है.खौफ इस कदर कि गांव शहर  की तमाम  लड़कियों ,गृहणियों में चोटी काटने का खौफ मन में घर कर गया है \हरियाणा के मेवात ,राजस्थान , गुड़गांव और झज्जरव् अन्य  राज्यों में  इस तरह की घटना से लोगों की नींद उड़ी हुई है. दिल्ली के एक कांगनहेड़ी गांव के कुछ लोग इसे चोटी काटने वाला ‘शैतान’ बता रहे हैं, तो कुछ इसे अनदेखी शक्तियों से जोड़कर देख रहे हैं. दरअसल गांव में एक के बाद एक हुई तीन घटनाओं से ग्रामीण खासा सहमे हुए हैं.दिल्ली के नजफगढ़ इलाके में भी अब तक दो औरतो की चोटी कटी है पुलिस मांमले ी गंभीरता को देख जांच  है लेकिन हाथ अभी तक जांच में कुछ नहीं लग पाया है तरह की बाते अफवाह लोगो में घर कर रही है क्या पढ़े लिखे और  क्या बुजुर्ग सभी इस बात को सोच कर हैरान है की इस  घटना का अंत क्यों नहीं हो पा रहा है आखिर महिलाओ की चोटी या बाल काटने के अलावा दूसरी कोई चीज सामने नहीं आ पा रही है ऐसे में सर्कार की नैतिक जिम्मेदारी बन जाती है  सच जल्द से जल्द सामने लाया जाए  अन्य दूसरे राज्यों में तो एक बुजुर्ग महिला की इस घटना के खौफ के कारण मोत की खबर आई तो कही  कही चोटी  काटने वाली की शक में लोगो ने एक महिला की   पीट पीट कर हत्या तक कर दी इस घटना की आड़ में मासूम लोग असमय मौत का शिकार हो रहे है  इस घटना के सिरे तक पुलिस  व् सरकार को पहुंचना ही होगा अन्यथा परिणाम और गंभीर भी हो सकते है इस घटना की आड़ में असामाजिक  घटना का फायदा उठाने में पीछे नहीं हटेंगे 

ऐसा बताया  जाता है कि सिर में तेज दर्द उठा और कट गयी चोटी  या महिलाओं  के बाल 

 अब तक की घटना  के अनुसार,   महिलाओं के साथ  यह घटना घटी  है  उन्होंने बताया कि वह घर पर अकेली थी. अचानक उनके सिर में काफी तेज दर्द उठा, वह अचेत हो गईं. इससे पहले कि वह कुछ समझ पाती उनके बाल,चोटी  कटे मिले दरवाजा अंदर से बंद था, ऐसे में कौन घर में दाखिल हुआ, बाल किसने काटे..ये सभी सवाल चर्चा का विषय बने हुए हैं. सदमे में हैं पीड़ित महिलाएं

तीनों महिलाएं अभी तक सदमे से उबर नहीं पाईं हैं. पिछले कुछ  दिनों से ग्रामीण रात में पूरे गांव की पहरेदारी कर रहे हैं. गांव में दहशत का आलम यह है कि कुछ परिवार गांव छोड़कर अपने रिश्तेदारों के वहां चले गए हैं. दिल्ली  गाँव कांगनहेड़ी में तो   दिल्ली नगर निगम की  सरकारी  महिला सफाईकर्मियों ने गांव में साफ-सफाई करने से साफ इनकार कर दिया है.

तंत्र-मंत्र, तांत्रिक विद्या ,जादू-टोना भी मान रहे है लोग

कुछ ग्रामीण इसे तंत्र-मंत्र, जादू-टोने से जोड़कर देख रहे हैं. अनदेखे साये का जिक्र करते हुए लोगों ने अपने घरों के बाहर झाड़-फूंक से जुड़ा सामान रखना शुरू कर दिया है. मसलन कुछ घरों के बाहर नीम के पत्ते रखे हुए हैं तो कुछ घरों के बाहर नींबू-मिर्च आदि लटके नजर आ रहे हैं. वहीं कुछ ग्रामीण दहशत के साये से अपने तरीके से निपटने की बात कह रहे हैं.

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