नवीन कुमार /नई दिल्ली:- उत्तरी दिल्ली की महापौर, सुश्री प्रीति अग्रवाल ने आज भारत छोड़ो आंदोलन के वर्षगांठ पर महान स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस को भावभीनी श्रद्धांजली अर्पित की। इस अवसर पर उन्होंने लाल किले के सामने सुभाष मार्ग पर स्थित उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण किया ।महापौर ने भारत छोड़ो आंदोलन को स्वतंत्रता संग्राम में एक महत्वपूर्ण मोड बताते हुए कहा कि देश को आजादी भले ही 15अगस्त 1947 को मिली है लेकिन आजादी की नींव 1857 के स्वतंत्रता संग्राम में रख दी गई थी। उन्होंने कहा कि उसके ठीक85 साल बाद यानी 1942 में भारत छोड़ो आंदोलन ने उस नींव पर इमारत खड़ी करना प्रारंभ कर दिया था।सुश्री अग्रवाल ने बताया कि 1942 में महात्मा गांधी के नेतृत्व में शुरू हुआ आंदोलन बहुत सोची समझी रणनीति का हिस्सा था जिसमें पूरा देश शामिल हुआ। कश्मीर से कन्याकुमारी तक यह एक ऐसा आंदोलन था जिसने ब्रिटिश हुकूमत की जड़े हिला कर रख दी।महापौर ने कहा कि नेताजी को स्मरण किये बिना देश की आजादी की कहानी अधूरी है। उन्होंने बताया कि कटक में1897 में जन्मे नेताजी ने देश के स्वतंत्रता संग्राम में अपना बहुमूल्य योगदान दिया। साथ-ही-साथ उन्होंने आजादी की लड़ाई को विदेशों तक भी पहुँचाया। ‘‘तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा’’ तथा ‘‘दिल्ली चलो’’ जैसे नारों के जरिये उन्होंने बड़ी संख्या में युवा पीढ़ी को आजादी की लड़ाई से जोड़ा। देष की आजादी में उनका योगदान अविस्मरणीय है।

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