हिमाचल प्रदेश पी.टी.ए शिक्षक संघर्ष मंच के प्रदेशाध्यक्ष पंकज कुमार , महिला प्रकोष्ठ की राज्य अध्यक्ष छवि सूद , राज्य उपाध्यक्ष दिनेश पटियाल ,महासचिव राजपूत संजीव ठाकुर ,मुख्यस्लाहकर नरेंदर शर्मा ,राज्य कोषाध्यक्ष रविकांत शर्मा ,संयोजक कासिम खान , सहसचिव अमित शर्मा , सिरमौर जिला अध्यक्ष विनोद गौतम सचिव विनीता ठाकुर , बिलासपुर जिला संयोजक सुनील गौतम , कांगड़ा प्रभारी शिवनंदन धीमान , जिलाध्यक्ष कांगड़ा अशोक क्लोत्रा ,  महासचिव नवीन गुलेरिया , जिलाध्यक्ष चम्बा नीरज चौहान , जिलाध्यक्ष हमीरपुर संजीव शास्त्री , उपाध्यक्ष पवन लखनपाल , बिलासपुर जिला संयोजक सुनील गौतम , जिलाध्यक्ष बिलासपुर धर्मपाल गोऱा , झंडूता ब्लॉक अध्यक्ष रमेश ठाकुर आदि पदाधिकारियों ने संयुक्त बयान जारी करते हुए  प्रदेश सरकार से मांग की है कि 5500 अनुबंध पीटीए अध्यापकों को अगस्त 2013 में विधानसभा के किये गए ऐलान अनुसार जिसमे सरकार की तरफ से कहा गया था कि पीटीए अध्यापकों को डेढ़ वर्ष के अनुबन्ध के बाद नियमित किया जायेगा सरकार रेट्रोस्पेक्टरी नियम के तहत पिछली सेवाओं को मद्देनज़र रखते हुए जल्द सशर्त नियमित करे और शिक्षकों के लिए वन टाइम रिलेक्शेषन के तहत ट्रांसफर पॉलसी का प्राबधान किया जाए साथ ही 1369 लेफ्टआउट पीटीए अध्यापकों को पैट अध्यापकों की तर्ज़ पर रेगुलर के लाभ टाइम स्केल के साथ दे उन्होंने मांग करते हुए कहा कि उन्हें पूर्ण विस्वास है कि हमसे किये वायदे अनुसार 15 अगस्त के ऐतिहासिक दिन को सरकार ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए पिछले डेढ़ दशक के शोषण से आजादी दिलवाएगी । संघर्ष मंच ने मांग की है कि सरकार इस  मामले को प्रमुखता से हल करते हुए हजारों अध्यापक परिवारों को 15 अगस्त के दिन सशर्त नियमितीकरण का  तोहफा दें । इससे मुख्यमंत्री द्वारा  किया वायदा पूर्ण हो सकेगा ।

गौरतलब है कि वर्ष 2012 के विधान सभा चुनावों में कांग्रेस ने वादा किया था की सत्ता में आने पर पीटीए अध्यापकों को नियमित किया जाएगा। लेकिन इस वर्ग को अभी तक राहत के नाम पर कुछ भी हासिल नहीं हो पाया है  सरकार चुनावी वर्ष में लगभग सभी कर्मचारियों को तोफे दे रही है  पीटीए अनुबंध अध्यापक अपने आप को ठगा और नज़रअंदाज़ होता सा महसूस करने के बावजूद नियमितीकरण की आस में बैठे है। पदाधिकारियों ने कहा की इस तरह सरकार की उदासीनता से ऐसे अध्यापक जिन की उम्र 50 को छूने लगी उम्मीदे धुंधली होने लगी है।  संघर्ष मंच के पदाधिकारियों ने कहा है कि

12 साल की सेवाओं के बाद भी अपने भविष्य को लेकर भारी मानसिक दबाव एवं जिंदगी के सबसे कठिनतम दौर से गुजर रहे पीटीए अध्यापकों ने हजारों परिवारों के घरों को न उजाड़ने जा विशेष आग्रह किया है और उमीद जताई की इसपर सरकार और राजनितिक दल राजनीती से ऊपर उठकर जनहित में जल्द उचित निर्णय लेंगे ।

 

 

 

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