कसडोल। कसडोल तहसील क्षेत्र के 214 में से 170 गाँव सूखा प्रभावित है मात्र 44 गांव ऐसे हैं जहाँ पर 37 से 49 प्रतिशत फसल होने की संभावना है।_20170731_112526शासन द्वारा तहसील क्षेत्र को सूखाग्रस्त घोषित किए जाने के बाद फसल क्षतिपूर्ति के प्रकरण बनाने की तैयारियां प्रारंभ कर दी है ,हालाँकि वास्तविक अनावरी रिपोर्ट फसल कटाई के बाद ही आ पाएगी और उसके बाद ही मुआवजा का प्रकरण तैयार हो सकेगा।

                           पूरे प्रदेश में इस वर्ष लगभग सूखे अकाल की स्थिति बन गई है।12 सितम्बर मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह के नेतृत्व में संपन्न राज्य केबिनेट की बैठक में शासन द्वारा प्रदेश के 27में से 21 जिले को सूखाग्रस्त घोषित कर दिया है और सूखा प्रभावित तहसील क्षेत्रों में कार्ययोजना तैयार कर शीघ्र रोजगार मूलक कार्य प्रारंभ करने के भी निर्देश जारी कर दिया गया है।शासन ने राजस्व विभाग एवं कृषि विभाग से प्राप्त प्रारंभिक अनावरी रिपोर्ट के आधार पर लिए गए राज्य सरकार के निर्णय से जहां एक ओर सूखे अकाल की आशंका से ग्रस्त किसानों ने राहत की सांस ली है वहीं प्रशासनिक अमला भी सूखा अकाल को लेकर मुस्तैद हो गया है। अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व ) अंजोर सिंह पैकरा ने बताया कि कसडोल तहसील क्षेत्र के पूरे 214 गाँव का राजस्व विभाग के पटवारी एवं कृषि विभाग के मैदानी कर्मचारियों द्वारा प्रारंभिक नजरी आकलन कर लिया है उसके अनुसार 68 गांव में 0 से 24 प्रतिशत फसल ,102 गांव में 25 से 36 प्रतिशत तथा 44 गाँव मे 37 से 49 प्रतिशत फसल हो पाने का अनुमान लगाया गया है।फसल कटाई के बाद उत्पादन का वास्तविक आंकलन हो पाएगा।उन्होंने बताया कि राजस्व एवं कृषि विभाग के मैदानी कर्मचारियों को स्थिति पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं , साथ ही साथ पंचायत एवं अन्य विभागों के अधिकारियों को रोजगार मूलक कार्य शीघ्र प्रारंभ करने के निर्देश दिए गए हैं , ताकि अकाल पीड़ित क्षेत्रवासियों को रोजगार की तलाश में बाहर पलायन न करना पड़े।

LEAVE A REPLY