मस्तुरी|मस्तूरी जनपद पंचायत जहां आवास अधिकारियों और सरपंच,आवास मित्रो ने प्रधानमंत्री आवास योजना को भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा दिए है| जियो ट्रैकिन बना मजाक क्योकि ड्राइंग के आधार पर बन ही नही रहा है आवास।और जिस हितग्राही को आवास मिला है वह एक लाख हजार रुपए से भी ज्यादा खर्च कर रहे है तो इस आधार पर वह आवास योजना के तहत पात्र नहीं होना चाहिए क्योंकि उस मकान मे स्वयं हितग्राही तीन से चार लाख रुपये खर्च कर रहे है दरअसल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आवासहीन गरीबों को आवास उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री आवास योजना का शुभारम्भ किया था। जिसके लिए मस्तूरी जनपद क्षेत्र में भी जो आवासहीन और जो भी 2011 की गरीबी रेखा सूचि से नीचे वालो को आवास का दिया जाना है व लाभार्थी को 1 लाख20 हजार रुपये सरकार की ओर से उपलब्ध कराए जाते हैं। इस धनराशि को 48 हजार रुपये प्रति किश्त के हिसाब से 3 किश्तों में लाभार्थी को उसके खातों के माध्यम से भुगतान किया जाता है।
यह योजना मस्तूरी विकास खण्ड के ग्राम पंचायत एरमसाही एवं अन्य ऐसे कई ग्राम पंचायतों क्षेत्र के दर्जनों गांव में भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई है। मस्तूरी ब्लाक के जिम्मेदार अधिकारियों से लेकर ग्राम सरपंच सचिव तक इस योजना का लाभ देने के नाम पर जमकर वसूली की जा रही है। पहले से ही ग्रामीणों से योजना का लाभ देने के नाम पर सौदेबाजी शुरू हो जाती हैं और जिस ग्रामीण द्वारा पैसे मिलने की बात स्वीकार कर लिया जाता हैं तो उसका नाम प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थी के रूप में चयनित कर लिया जाता है।मस्तूरी जनपद के एरमसाहि में10 से 15 वर्ष के नाबालिक बच्चों के नाम से भी प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ ग्राम पंचायत में दिए जा रहा है।
रुपये न देने पर कोई कारण बता रोक देते हैं किश्त :- जैसे ही इस योजना का पैसा लाभार्थी के खाते में आ जाता है तो जांच के नाम पर कर्मचारी, सरपंच, आवास मित्र के माध्यम से 5 से 10 हजार रुपये के हिसाब से वसूल किया जाता है और यदि किसी लाभार्थी द्वारा पैसा नहीं दिया जाता तो उसकी अगली किश्त कोई कारण बता रोक दिया जाता है। यही नहीं एक घर में दो अलग-अलग लोगों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिया जा रहा है और जिन लाभार्थियों को पूर्व के वर्षों में अन्य आवास योजनाओं का लाभ मिल गया हैं उन्हें भी पैसा लेकर प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिया जा रहा है। कई ऐसे हितग्राही हैं जिनको यह जानकारी नही है कि उनके खाते की कितना राशि आया है।इस योजना के लाभार्थियों की मानें तो सरपंच के माध्यम से लाभार्थियों से 20 हजार रुपये देने की बात कही जाती है। सरपंच बिना पैसा लिए आवास योजना की लिस्ट में नाम नहीं लिखता और जब पैसा देने की बात स्वीकार कर ली जाती है तो प्रधान पात्रता सूची में नाम अंकित कर देता है। क्षेत्र में ऐसे कई हितग्रहि के नाम से आवास योजना का लाभ मिल रहा हैं पक्के मकानों और बड़ी बड़ी गाड़िया रखने वालो को दिया जा रहा है। प्रायः सभी ग्राम पंचायतों मे प्रधान मंत्री आवास योजना का जो मॉडल दिया गया है उस के विपरीत भी निर्माण का कार्य करवाया जा रहा है|
“300 हितग्राहियो में से 200 से अधिक लाभार्थियों के खाते में पहली किश्त भेजी जा चुकी है। शेष के खातों में जल्द ही पहली किश्त भेज दी जाएगी। अभी तक प्रधानमंत्री आवास के नाम पर अवैध वसूली की शिकायत किसी लाभार्थी ने नहीं किया है। शिकायत मिलने पर जल्द ही जांच कराकर कार्यवाही की जाएगी”|
श्रीमती मोनिका वर्मा मिश्रा, सीईओ,जनपद पंचायत, मस्तूरी

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