युवराज यादव

कसडोल। पारस नगर हत्याकांड मामले में राजनीतिक हस्तक्षेप संबंधित समाचार पत्रों में छपे खबरों पर नाराजगी जाहिर करते हुए पत्रकारों के विरूद्ध विधानसभा अध्यक्ष द्वारा किए गए टिप्पणी के विरोध में पत्रकार संघ कसडोल की सम्पन्न बैठक में विधानसभा अध्यक्ष द्वारा किए गए टिप्पणी की कड़ी निंदा करते हुए आगामी निर्णय तक उनसे संबंधित समाचार प्रकाशित नहीं करने का निर्णय लिया गया।

                        विगत 23 अगस्त को सुबह पारस नगर कसडोल निवासी आजूराम साहू की बहू दिनेश्वरी साहू का शव उनके ही बाड़ी में गला कटा हुआ संदेहास्पद स्थिति में मिली थी।इस मामले में पंचनामा के बाद जब शव को पोस्टमार्टम के लिए शासकीय अस्पताल कसडोल भिजवाया गया जहां पर उपस्थित डॉक्टर ने शव को संदेहास्पद बताते हुए पोस्टमार्टम के लिए रायपुर रिफर कर दिया गया था ।शव रायपुर रिफर करते ही मृतिका के ससुराल पक्ष के लोगों के हाथ पांव फूलने लगे और स्थानीय  कुछ नेताओं से सम्पर्क कर शव का कसडोल में ही पोस्टमार्टम करवाने की बात कही गई और उनके द्वारा उच्च अधिकारियों को फोन कर पोस्टमार्टम कसडोल में ही कराने कहा गया और हुआ भी वही दिनेश्वरी साहू के शव का पोस्टमार्टम शाम ढल जाने के बाद किया गया।इस मामले में जिस तरह से राजनैतिक हस्तक्षेप किया गया उससे नगर एवं क्षेत्र में तरह तरह की चर्चाएं होने लगी और इसी आशय का समाचार अखबारों में प्रकाशित होने लगी ।इस हत्याकांड में सत्त्तापक्ष के लोगों के द्वारा राजनैतिक हस्तक्षेप किए जाने संबंधी प्रकाशित समाचारों पर नाराजगी जाहिर करते हुए विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल ने 17 सितम्बर को अपने कसडोल प्रवास के दौरान स्थानीय पत्रकारों को विश्राम गृह बुलाने अपने कार्यकर्ताओं से कहा गया परन्तु इस दौरान नगर के सभी पत्रकार अपने अपने निजी कार्य से नगर से बाहर थे कुछ लोग थे उन्हें बुलाकर पत्रकारों के सम्बंध में आपत्तिजनक टिप्पणी की जिससे पत्रकारों में घोर नाराजगी व्याप्त है।इस संबंध में पत्रकार संघ कसडोल का 24 सितम्बर को विश्राम गृह में बैठक सम्पन्न हुई जिसमें उपस्थित सभी पत्रकारों ने एक स्वर में उनके द्वारा किए गए टिप्पणी का कड़े शब्दों में निंदा करते हुए आगामी निर्णय तक विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल से सम्बंधित किसी भी तरह के समाचारों का प्रकाशन नहीं किए जाने का निर्णय लिया गया।पत्रकारों ने विधानसभा अध्यक्ष पर दमनात्मक नीति अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि पत्रकार समाज के दर्पण होते हैं और आम जनता की समस्याओं को शासन प्रशासन तक पहुंचाने कड़ी का काम करते हैं इसलिए उनके स्वतंत्रता पर किसी तरह का दबाव बनाया जाना सर्वथा अनुचित है और लोकतंत्र के विपरीत है।बैठक में पत्रकार संघ के संरक्षक साहेबलाल साहू , उपाध्यक्ष युवराज यादव ,सचिव सुनील तिवारी ,कोषाध्यक्ष संतोष साहू ,सहसचिव फणेन्द्र साहू ,पुरुषोत्तम कैवर्त्य ,प्रवीण ढोमने ,विजय साहू ,परस राम जायसवाल ,गुनीराम साहू ,अशोक टण्डन ,समेश्वर कमलवंशी , पुसाउ कैवर्त्य ,ऋषि कुमार श्रीवास ,हेमन्त साहू आदि प्रमुख रूप से उपस्थित थे।img_20170924_115331

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