युवराज यादव, बलौदाबाजार

बलौदाबाजार। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा दिए जा रहे किसानों को धान खरीदी के एक साल के बोनस से बोनस तिहार में शामिल होने आए किसानों में मायूसी03-baloda-bazar-02 03-baloda-bazar-10 किसानों का कहना है कि यदि सरकार बोनस दे रही है तो अपने वादे के अनुसार उसे पहले के तीन साल का भी बोनस देना चाहिए। सरकार द्वारा एक साल के बोनस दिए जाने को किसानों ने चुनावी स्टंट बताया।

                  भाजपा के प्रदेश एवं राष्ट्रीय संगठन द्वारा अपने सर्वेक्षण के अनुसार बार बार राज्य सरकार को बताया गया कि चुनावी वादे के अनुसार किसानों को बोनस नहीं मिलने से किसानों का एक बड़ा वर्ग राज्य सरकार से नाराज थे और वो नाराजगी आने वाले 2018 के चुनाव में भारी पड़ सकता है।राज्य सरकार पहले तो प्रदेश संगठन की बातों को अनसुनी कर रहा था परन्तु केंद्रीय नेतृत्व के निर्देशन में आए राष्ट्रीय स्तर के संगठन पदाधिकारियों ने भी यही राग अलापा तो अपने आपको एक मात्र विकल्प समझ रहे केंद्र एवं राज्य सरकार को अन्ततः किसानों की सुध लेनी पड़ी।केन्द्र सरकार के निर्देशन में राज्य सरकार ने किसानों द्वारा खरीफ वर्ष 2016 -17 के दौरान खरीदे गए धान एवं 2017 -18 के दौरान खरीदे जाने वाले धान का 300 रुपये प्रति क्विंटल बोनस देने की घोषणा करनी पड़ी।अपने घोषणाओं के अनुरूप राज्य शासन द्वारा कल 3 अक्टूबर से ‘बोनस तिहार ‘ मनाया जा रहा है इसकी शुरुआत बलौदाबाजार जिले से हुई।बोनस तिहार में धान के बोनस का चेक लेने आए किसानों के चेहरे पर मुस्कान के बजाए मायूसी एवं सरकार के प्रति नाराजगी नजर आई , किसानों का कहना था कि यदि सरकार बोनस दे रही है तो जैसा कि 2013 के चुनाव के समय वादा किया था उसके अनुसार 2100 रुपये समर्थन मूल्य और 300 रुपये बोनस प्रति क्विंटल देना चाहिए।बोनस तिहार में चेक लेने आए ग्राम देवरानी के राधेश्याम साहू ,चंदू लाल साहू ने कहा कि हम एक साल के बोनस से संतुष्ट नहीं हैं ,पूरे तीन साल का बोनस लेकर रहेंगे।अर्जुनी के सुधुराम साहू  ,खटियापाटी के जगन्नाथ सतनामी का कहना है कि सरकार बोनस नहीं दे रही अगले साल होने वाले चुनाव में वोट बटोरने का तरीका है।ढाबाडीह के भरत ध्रुव , ईश्वर ध्रुव ,विश्राम ध्रुव ,चरण ध्रुव ,पवन ध्रुव का कहना है कि एक साल के बोनस देने से क्या होगा ,सरकार पूरे तीन साल का बोनस देना चाहिए।मुख्यमंत्री रमन सिंह को 2014 के लोकसभा चुनाव के पहले किए गए अपने वादे को याद करना चाहिए कि उन्होंने कहा था कि केन्द्र में भाजपा की सरकार बनते ही किसानों को 2100 रुपये समर्थन मूल्य एवं 300 रुपये बोनस देने की घोषणा की थी।उन्हें अपने वादे के अनुसार किसानों को उनके ऊपज का वाजिब दाम देना चाहिए।हालांकि राज्य सरकार द्वारा किसानों को एक साल के बोनस देने की घोषणा कर अपनी पीठ थपथपाते हुए पूरे राज्य भर में जिला स्तर पर बोनस तिहार मना रही परन्तु सरकार के एक साल के बोनस दिए जाने से राज्य के आम किसानों के चेहरे पर मुस्कान के बजाए मायूसी एवं सरकार के प्रति नाराजगी नजर आ रही है जो कि चिंतनीय है।

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