logo1इलाहाबाद/उत्तर प्रदेश
सुजीत मिश्र/सिट्टी
राज्य प्रमुख-
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नया साल करवरिया परिवार के लिए होगा बहुत शुभ
एक बड़े राजनैतिक परिवार के लिए बहुत बड़ी खुशी की बात नए साल में होने की बराबर सम्भावना है। 1995 में हुए पूर्व विधायक जवाहर यादव की हत्या के मुख्य आरोपी पूर्व विधायक उदय भान करवरिया पूर्व सांसद कपिल मुनि करवरिया पूर्व विधानपरिषद सदस्य सूरज भान करवरिया पिछले 2 वर्षों से जेल में है तत्कालीन समाजवादी पार्टी के सत्तासीन रहते इन्हें तमाम दिक्कतों का सामना करना पड़ा है मुख्य आरोपी उदय बहन तो 2014 से ही जेल में है इस दौरान उनकी माता का भी निधन हो गया था तब भी जमानत नही मिलने के चलते पैरोल में ही माँ का अंतिम दर्शन और अंतिम संस्कार किया था । सत्ता बदलते ही संभावनाएं बन रही थी कि मामले में कुछ नरमी बरती जा सकती है । लेकिन भाजपा में भी करवरिया परिवार के बाहर आने से अपनी राजनीतिक पकड़ कमजोर हो जाने के डर से तमाम नेता नही चाहते रहे है कि ये बेदाग मामले से निकल सके ।
उत्तर प्रदेश सरकार के विधि विभाग सचिव द्वारा जिलाधिकारी इलाहाबाद को पत्र लिख कर मामले की वास्तविकता और जांच की रिपोर्ट मांगी गई है साथ वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक इलाहाबाद मण्डल से भी राय मांगी गई है।
जिससे लगभग यह तय है कि करवरिया परिवार एक दो महीने में आने घर आ सकता है ।
राज्य सरकार ने मामले के तमाम पहलुओं और सबूत पर विचार कर परिवार को आरोपमुक्त कर सकती है।
फूलपुर सीट पर रहा है दबदबा -:- मूलतः कौशाम्बी जिले के निवारि करवरिया परिवार में सबसे बड़े भाई कपिल मुनि करवरिया 2009 बसपा के टिकट पर फूलपुर से सांसद रह चुके है ।
दो बार भाजपा विधायक रहे उदय भान करवरिया जेल में रहने के चलते चुनाव नही लड़ सके और उनकी पत्नी नीलम करवरिया को भाजपा से टिकट मिला वह वर्तमान में इलाहाबाद की मेजा से विधायक है ।
फूलपुर में कमल खिला सकते है
उदय भान उपचुनाव में उदयभान बन सकते है भाजपा उम्मीदवार। भाजपा में अपने कद को निःसन्देह बहुत बड़ा दिखा दिया गया है दो दशक से भाजपा में है करवरिया परिवार

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