युवराज यादव, बलौदाबाजार

बलौदाबाजार। छत्तीसगढ़ शासन की सुपोषण के लिए संचालित महती योजना रेडी टू ईट , महतारी जतन ,एवं सबला पोषण आहार योजना कसडोल विकास खण्ड में दम तोड़ती नजर आ रही है क्योंकि यहाँ पर पदस्थ महिला एवं बाल विकास अधिकारी पिछले एक माह से बिना सूचना के ऑफिस नहीं आ रही है।इन योजनाओं को संचालित करने वाले महिला स्व सहायता समूह पिछले करीब साल भर से आपूर्ति किए गए सामानों के बिल अब तक नहीं मिलने से अब सामग्री आपूर्ति करने में असमर्थता जता रहे हैं।

                        छत्तीसगढ़ शासन द्वारा महिला एवं बाल विकास विभाग के माध्यम से कुपोषण दूर करने गर्भवती एवं शिशुवती माताओं एवं बच्चों के लिए रेडी टू ईट एवं गरम भोजन प्रदान किया जाता है तथा किशोरी बालिकाओं के लिए सबला पूरक पोषण  आहार योजना संचालित किया जा रहा है इन योजनाओं के संचालन की जिम्मेदारी शासन द्वारा महिला सशक्तिकरण के तहत महिला स्व सहायता समूह को सौंपा गया है।कसडोल विकास खण्ड में इन योजनाओं को संचालित कर रहे महिला स्व सहायता समूह के गोमती जायसवाल ,अगर बाई साहू ,श्यामकुमारी ,सतरूपा , गायत्री पटेल , मेला बाई ,सहित सभी समूह के सदस्यों ने बताया कि रेडी टू ईट का बिल अगस्त 2017 से अब तक 5 माह का नहीं मिला है , महतारी जतन की राशि नवम्बर 2016 से अब तक करीब 14 माह का नहीं मिला है तथा सबला योजना की राशि पिछले 8 माह से नहीं मिला है।अब तक राशि नहीं मिलने के संबंध में समूह के सदस्यों ने बताया कि अभी वर्तमान में पदस्थ महिला एवं बाल विकास अधिकारी द्वारा बिल निकालने के एवज में समूह के सदस्यों से बिल राशि की 10 प्रतिशत राशि एडवांस में मांगी जा रही थी जिस पर सभी समूह के सदस्यों ने एक स्वर में विरोध करते हुए देने से इंकार कर दिया।समूह के सदस्यों द्वारा विभाग को प्रस्तुत किए गए सभी बिल व्हाउचर लिपिक द्वारा तैयार कर लिया गया है लेकिन अधिकारी का हस्ताक्षर नहीं होने से सारे बिल अधर में लटका हुआ है । महिला स्व सहायता समूह के सदस्यों द्वारा 10 प्रतिशत कमीशन देने से इन्कार किए जाने के बाद महिला एवं बाल विकास अधिकारी ज्योत्सना चौधरी अचानक 1 दिसम्बर से ऑफिस आना बन्द कर दी है।प्रारंभ में ऑफिस में कार्यरत कर्मचारियों द्वारा उनके छुट्टी पर घर जाने की बात की जा रही थी एक दो दिन में आ जाएगी कहा जा रहा था परन्तु अब वे किसी तरह की जानकारी देने में असमर्थता व्यक्त कर रहे हैं।अधिकारी द्वारा अचानक ऑफिस आना बन्द कर दिए जाने से पूरक पोषण आहार का संचालन कर रहे महिला स्व सहायता समूह के सदस्यों को अब समझ नहीं आ रहा है कि वे आगे क्या करें। पिछले 5 माह का बिल बनकर तैयार हो जाने के बाद भी अधिकारी के मुख्यालय में नहीं होने के कारण समूह वालों का भुगतान अटका हुआ है।समूह वाले एक सप्ताह में भुगतान नहीं मिलने पर रेडी टू ईट सहित अन्य योजनाओं के संचालन में असमर्थता जता रहे हैं।इस सम्बंध में जिला कार्यक्रम अधिकारी विपिन जैन का कहना है कि कसडोल के महिला एवं बाल विकास अधिकारी का अचानक स्वास्थ्य खराब हो जाने पर ईलाज कराने अपने घर गई हुई है सोमवार तक उसके ड्यूटी पर लौटने की उम्मीद है यदि सोमवार तक नहीं आएगी तो किसी दूसरे को वहाँ का प्रभार सौंपा जाएगा तथा समूह वालों का सारा बिल का भुगतान एक सप्ताह में कर दिया जाएगा।

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