कलेक्टर की परछाई बनकर खुशी हुई, असल कलेक्टर बनने का सपना पूरी करूंगी
बिलासपुर, 9 जनवरी 2018। शासकीय बिलासा गर्ल्स कॉलेज में ग्रेजुएशन कर रही चेतना देवांगन को आज दिन भर कलेक्टर के साथ-साथ प्रशासनिक अनुभव हासिल करने पर बेहद खुशी हुई। उसने सोचा है कि प्रशासनिक सेवा में जाकर वह किसी दिन कलेक्टर की जिम्मेदारी संभाले।
चेतना उन 27 जिलों की शीर्ष प्रतिभागियों में हैं, जो यूथ स्पार्क-खेलेगा छत्तीसगढ़, जीतेगा छत्तीसगढ़, के पांचवे चरण में पहुंचकर आज एक दिन के लिए शेडो कलेक्टर बनीं। छत्तीसगढ़ शासन की जन कल्याणकारी योजनाओं का अध्ययन कर युवा इसका लाभ लें, इस उद्देश्य से छत्तीसगढ़ के सभी महाविद्यालयों में पढ़ने वाले युवाओं के लिए यह प्रतियोगिता आयोजित की गई। इसके पांचवे और अंतिम चरण में हर जिले से एक युवा को शेडो कलेक्टर के रूप में चुना गया। बिलासपुर में बीए द्वितीय वर्ष की छात्रा चेतना देवांगन ने यह प्रतियोगिता जीती।
आज सुबह 10.30 बजे कलेक्टोरेट पहुंचीं। उसने कलेक्टर पी. दयानंद को अपना परिचय दिया। कलेक्टर ने चेतना का स्वागत किया और उसे मंथन सभाकक्ष में चल रही टीएल की बैठक में अपने पास बिठाया। उन्होंने अधिकारियों से उसका परिचय कराया। अधिकारियों ने तालियां बजाकर चेतना का उत्साहवर्धन किया। चेतना ने कलेक्टर और अधिकारियों के बीच संवाद को गंभीरता से सुना। बीच-बीच में वह अपनी डायरी पर भी बैठक की कार्रवाई को लिखती रहीं।
बैठक के बाद चेतना ने कलेक्टर के कक्ष में उनके साथ बैठकर शासन की नीतियों, कार्यक्रमों और योजनाओं के बारे में अपनी समझ बढ़ाई।
शेडो कलेक्टर बनकर अत्यन्त प्रफुल्लित चेतना देवांगन ने कहा कि वह आज कलेक्टर की परछाई के रूप में काम करके बहुत खुश है। उसने आज जाना कि शासन की लोक कल्याणकारी योजनाओं का क्रियान्वयन बहुत महत्वपूर्ण दायित्व है। यह महसूस हुआ कि कलेक्टर का काम बहुत चुनौतीपूर्ण है। फरियादियों की शिकायतों का निराकरण कैसे किया जा सकता है, यह समझने का प्रयास किया। आज शासकीय कार्यों का अवलोकन करने का भी अवसर मिला। शाम पांच बजे तक वह कलेक्टर की शेडो रही, यह दिन यादगार है। चेतना ने कहा कि वह सिविल सर्विसेज़ की तैयारी कर रही है, एक दिन खुद ऐसी जिम्मेदारी संभालना चाहेगी।

LEAVE A REPLY