मॉक ड्रिल कर आपदा प्रबंधन की तैयारी परखेगा जिला प्रशासन

धर्मशाला, 7 फरवरी,लता सूर्यवंशी : 8 फरवरी को सुबह 11 बजे भूकंप बारे अलर्ट करने के लिए धर्मशाला स्थित उपायुक्त कार्यालय में सायरन बजने शुरू हों तो घबराएं नहीं । ध्यान रखें, यह सचमुच की आपदा नहीं एक मॉक ड्रिल है। लेकिन भूकंप की दृष्टि से अतिसंवेदनशील होने के कारण कांगड़ा जिले में इस मॉक ड्रिल को बहुत गंभीरता से करने की तैयारी है। मेगा मॉक ड्रिल के जरिये जिला प्रशासन लोगांे को तो शिक्षित करेगा ही भूकंप आने की स्थिति में अपनी तैयारियों का जायजा भी लेगा और कमियों का आकलन करेगा।

उपायुक्त संदीप कुमार ने आज अधिकारियों के साथ बैठक कर मेगा मॉक ड्रिल के विभिन्न पहलुओं की समीक्षा की । इस दौरान उन्होंने जिला आपदा प्रबंधन योजना और इसके सभी पहलुओं पर भी विस्तार से चर्चा की।

संदीप कुमार ने कहा कि मॉक ड्रिल के माध्यम से जिला में आपदा प्रबंधन की तैयारियों व क्षमताओं का गहन आकलन एवं विश्लेषण किया जाएगा। इस दिन जिले में 5 स्थलों, जिनमें उपायुक्त कार्यालय, चांदमारी गांव, नगरोटा बगवां का डिग्री कॉलेज एवं पुराना बस अड्डा और एसडीएम कार्यालय कांगड़ा शामिल हैं, पर भूकंप से प्रतीकात्मक नुकसान मानकर मॉक ड्रिल की जाएगी, जिसमें सेना, अर्धसैन्य बल, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल जैसी केन्द्रीय एजेंसियों के अलावा जिला के आपदा प्रबंधन से जुड़े सभी विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी हिस्सा लेंगे।

उपायुक्त ने कहा मॉक ड्रिल के दौरान सभी अधिकारी-कर्मचारी आपसी समन्वय और टीम वर्क की भावना से कार्य करें और अपनी तय जिम्मेदारी का निर्वहन करें। इस तरह की आपात परिस्थिति में संबंधित विभागों की दक्षता और आपसी समन्वय का आकलन किया जाएगा।

इससे पूर्व, उन्होंने विडियो कॉन्फ्रेंसिंग से मुख्य सचिव को आपदा प्रबंधन की जिला प्रशासन की तैयारियों बारे अवगत करवाया।

बैठक में पुलिस अधीक्षक संतोष पटियाल, अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी मस्त राम भारद्वाज सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

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