lउत्तर प्रदेश में राजनैतिक उठा-पठक लगातार जारी है।2017 व्हुविधानसभा चुनाव के बाद बहुजन समाज पार्टी से बाहर कर दिए गए नसीमुद्दीन सिद्दीकी अब स्वयं को विधायक(विधानपरिषद) भी नही बोल सकेंगे।
22 फरवरी को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की सदस्यता लेने के बाद मायावती के निर्देश पर नेता सदन सुनील कुमार चित्तौड़ ने आज विधानपरिषद सभापति को दलबदल कानून के अंतर्गत नसीमुद्दीन सिद्दीकी की सदस्यता निरस्त करने की अपील की साथ ही उनको मिलने वाले वेतन भत्ते पर भी रोक लगाने को कहा।
यह जानकारी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा ने दी कि भारतीय संविधान की 10वीं अनुसूची 191(2)के अंतर्गत नसीमुद्दीन सिद्दीकी की सदस्यता समाप्त मानी जनि चाहिए क्योंकि उन्होंने अपने मूल राजनैतिक दल को त्याग दिया है साथ ही दूसरे राजनैतिक दल की सदस्यता ले ली है। 22 जनवरी 2021 तक था नसीमुद्दीन का कार्यकाल

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