रेगूलर होने की आस मन में लिए ही जिंदगी से हार गए पीटीए अनुबन्ध शिक्षक विकास ठाकुर

 

*विनोद चड्ढा बिलासपुर*

 

 

पिछले 12 वर्षों से संघर्षों एवं व्यवस्था से जूझते-जूझते आखिर जिंदगी आसामयिक ही रुक गई। ज़िला सोलन के राजकीय माध्यमिक पाठशाला बखौर संगम राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला सलोगड़ा में सेवारत अनुबन्ध शिक्षक (पीटीए) विकास ठाकुर पिछले 12 वर्षों से नियमितीकरण की आस मन में लिए ही सदा-सदा के लिए इस दुनियां से रुक्सत हो गए। विकास ठाकुर पिछले 12 वर्षों से राजकीय माध्यमिक पाठशाला बखौर संगम राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला सलोगड़ा में कला अधयापक के पद पर सेवारत थे । जनवरी 2015 में पीटीए GIA Policy 2006 के तहत सात वर्षों की अनवरत सेवाओं के बाद सरकार द्वारा उनका अनुबन्ध में अधिग्रहण किया गया था और आज अनुबन्ध सेवाओं के तीन वर्ष पूर्ण हो जाने पर वर्तमान सरकार से नियमितीकरण के तौहफे दिए जाने की आस दिन-रात लगाए बैठे थे..पर अफसोस ..उस आस को मन में लिए ही वो इस दुनिया से हमेशा के लिए अंतर्धान हो गए।

 

हिमाचल प्रदेश अनुबन्ध शिक्षक संघ (पीटीए) के प्रदेशाध्यक्ष बोविल ठाकुर नेे प्रदेश के 6300 अनुबन्ध (पीटीए) शिक्षकों की ओर से विकास ठाकुर के आकस्मिक निधन पर गहरा दुःख व शोक व्यक्त किया है तथा शोक संतप्त परिवारजनों के प्रति गहरी आत्मिक संवेदना व्यक्त करते हुए प्रदेश सरकार से विकास ठाकुर के पीड़ित परिवार को यथोचित आर्थिक राहत प्रदान करने की अपील की है। बोविल ठाकुर का कहना है कि पिछले 12 वर्षों की सामाजिक, मानसिक एवं आर्थिक वेदना ही आज हजारों अनुबन्ध (पीटीए) शिक्षकों के साथ इस तरह की आकस्मिक घटना घटित होने का एक कारण है …क्योंकि पिछले 12 वर्षों से हिमाचल प्रदेश के दुर्गम क्षेत्रों से ज्ञान की लौ चलाए हुए हजारों शिक्षकों का भविष्य आज भी अधर में लटका हुआ है। हजारों अनुबन्ध शिक्षक आज अनुबन्ध का 3 वर्ष का कार्यकाल पूर्ण होने पर भी सरकार से नियमितीकरण के लिए जूझ रहे है।

 

विकास ठाकुर जिला सोलन के गांव खडज़ी के रहने वाले हैं और उनका पूरा परिवार इस अनुबन्ध की सेवाओं से मिलने वाले मानदेय पर ही निर्भर था। अपने पीछे स्वर्गीय विकास ठाकुर अपने वृद्ध माता-पिता, पत्नी एवं 3 वर्ष की बिटिया एवं 5 वर्ष का बेटा छोड़ गए हैं। अपने घर के इकलौते चिराग विकास ठाकुर के सदा -सदा के लिए बुझ जाने पर उनके पिता रणजीत सिंह गहरे सदमें में है। उनके अंतर्मन में सिर्फ एक बात ही घर कर गई है कि अपने वृद्ध जर्जर शरीर के चलते वो इस उम्र में किस तरह परिवार का पालन-पोषण करेंगे जबकि सरकार से अब तक उनके परिवार को कोई भी मदद अथवा राहत प्राप्त नहीं हुई है। हिमाचल अनुबन्ध शिक्षक संघ (पीटीए) के प्रदेशाध्यक्ष बोविल ठाकुर ने सरकार से करबद्ध अपील की है कि पीड़ित शोकाकुल परिवार के भविष्य के दृष्टिगत उन्हें स्थाई राहत प्रदान की जाए जिससे पीड़ित परिवार का जीवन-यापन एवं उनके छोटे-छोटे बच्चों का पालन-पोषण व शिक्षा का वहन हो सके।

 

पीड़ित परिवार के प्रति अपनी सहानुभूति एवं संवेदना के साथ प्रदेश अनुबन्ध शिक्षक संघ (पीटीए) के प्रदेशाध्यक्ष द्वारा प्रदेश से संबद्ध सभी अनुबन्ध शिक्षकों (पीटीए) से शोक संतप्त परिवार को यथासंभव आर्थिक मदद करने का आह्वान करते हुए कहा है कि इस दुःखद एवं वेदना की घड़ी में पूरा अनुबन्ध शिक्षक (पीटीए) परिवार स्वर्गीय विकास ठाकुर के परिवार के साथ है। ईश्वर दिवंगत पुण्य आत्मा को शांति प्रदान कर मोक्ष का मार्ग प्रशस्त करें और शोक संतप्त परिवार को इस आकस्मिक एवं असहनीय दुःख को सहन करने की अदम्य शक्ति एवं साहस प्रदान करें। दिवंगत आत्मा को भावभीनी अश्रुपूर्ण श्रद्धांजलि……

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