45 करोड़ रुपये की पेमेंट फंसी, भूखे मरने की आ गई नौबतimg-20180626-wa0033 img-20180626-wa0032

 

*विनोद चड्ढा कुठेड़ा*

 

शीघ्र ही पेमेंट की अदायगी न हुई तो आत्मदाह की दे डाली चेतावनी

 

बिलासपुर। फोरलेन सड़क निर्माण में कार्य करने वाले ठेकेदारों की करीब 45 करोड़ रुपये की पेमेंट संबंधित कंपनी के पास फंसे होने के कारण अब इस वर्ग को भूखों मरने की नौबत आ गई है। यदि शीघ्र ही उनकी पेमेंट की अदायगी न हुई तो वे आत्मदाह तक करने से नहीं चूकेंगे।

यह चेतावनी किरतपुर से लेकर नेरचौक तक बन रहे फोरलेन सड़क निर्माण में कार्य कर रही ठेकेदार यूनियन के अध्यक्ष जितेंद्र चंदेल ने दी। वे सोमवार को बिलासपुर में मीडिया से रूबरू हुए। जितेंद्र चंदेल ने कहा कि आईएलएंडएफएस के तहत आईटीएनएल कंपनी के पास उन्होंने काम किया। लेकिन, काम के बदले उन्होंने मेहनताना नहीं दिया गया। करीब 45 करोड़ की पेमेंट कंपनी के पास फंसी है, जिसे निकलवाने के लिए दो साल से अधिक का समय हो गया है। उन्होंने कहा कि कंपनी के अधिकारियों द्वारा आए दिन उन्हें पेमेंट के लिए टरकाया जा रहा है। यही नहीं कंपनी अपना बोरिया बिस्तर समेट कर यहां से चलती बनी है तथा आगामी कार्य को अंजाम देने के लिए न्यू इंडिया कंस्ट्रक्शन कंपनी को भेज दिया है। उन्होंने कहा कि सभी ठेकेदार मानसिक रूप से परेशान हैं। पत्रकारवार्ता में अध्यक्ष जितेंद्र चंदेल, महासचिव दिनेश, कोषाध्यक्ष गुरदेव सिंह व रजनीश आदि मौजूद रहे

LEAVE A REPLY