img-20180627-wa0005निर्माण कार्योें की धीमी प्रगति पर आयुक्त ने कार्यदाई संस्थाओं को लगाई फटकार, युद्धस्तर पर कार्य कराने के दिए निर्देश

अस्पताल में रोगियों को उपलब्ध कराई जा रही स्वास्थ्य सेवाओं तथा निर्माणाधीन कार्यों की हकीकत देखने के लिए आयुक्त देवीपाटन मण्डल सुधेश कुमार ओझा मंगलवार को जिला अस्पताल में छापेमारी करने पहुंच गए। आयुक्त की छापेमारी से जिला अस्पताल में हड़कम्प मंच गया।
जिला अस्तपाल में निर्माणाधीन पीकू वार्ड तथा 300 शैया का निर्माणाधीन अस्पताल के निर्माण की बेहद धीमी प्रगति का संज्ञान लेते हुए तथा स्वास्थ्य सेवाओं की वास्तविक स्थिति जानने के लिए आयुक्त ने जिला अस्पताल में छापेमारी की। अस्पताल व पीकू वार्ड के निर्माण कार्य की धीमी प्रगति पर आयुक्त ने जब सीएमओ से जवाब तलब किया तो सीएमओ द्वारा बताया गया कि कार्यदायी संस्था पैकफेड व राजकीय निर्माण निगम द्वारा बार-बार चेतावनी के बावजूद धीमी गति से कार्य कराया जा रहा है। आयुक्त ने गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए 30 जून तक पीकू वार्ड का काम पूरा कराने तथा 300 शैया वाले अस्पताल का निर्माण कार्य तीन माह के अन्दर पूर्ण कराने के आदेश दिए हैं। ज्ञात हुआ कि 300 वेड वाले अस्पताल का निर्माण कार्य 2014 से चल रहा है और 2016 में बनकर पूर्ण होना था परन्तु आज तक कार्य पूर्ण नहीं हो पाया जबकि सीएमएस द्वारा अस्पताल बनने के पहले ही बेड व अन्य सामान खरीद कर डम्प करा दिया गया है। जबकि बच्चों के लिए बन रहे पीकू वार्ड का कार्य 30 जून तक हर हाल में पूर्ण कराने के आदेश दिए हैं। इसके अलावा पीकू वार्ड के बन रहे आक्सीजन प्लान्ट का काम दिन रात काम चालू रखते हुए पूरा कराने के आदेश कार्यदाई संस्थाओं के अधिकारियों को दिए हैं। आयुक्त ने कहा कि दोनों कार्य पूरा होने के बाद निर्माण कार्य की टीएसी जांच कराकर गुणवत्ता की जांच कराई जाएगी और मानक विहीन कार्य मिलने पर जिला अस्पताल पहंुचे आयुक्त सीधे इमरजेन्सी मंे गए और वहां पर मरीजों से बात की तथा उनका हालचाल पूछा और दी जा रही सुविधाओं की जानकारी ली। आयुक्त ने दैवीय आपदा वार्ड, सर्जिकल वार्ड, हड्डी वार्ड, प्लाटर कक्ष का निरीक्षण किया तथा मरीजों से बात की। दवा भण्डार कक्ष का निरीक्षण करने के दौरान ज्ञात हुआ कि जिला अस्पताल में आपूर्ति की जाने वाली 212 दवाओं के सापेक्ष मात्र 169 दवाइयां ही उपलब्ध हैं। आयुक्त ने सीएमओ को निर्देश दिए कि वे हर हाल में सभी आवश्यक दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित कराएं तथा यह भी सुनिश्चित करें कि मरीजों को कोई भी डाक्टर बाहर की दवा न लिखें। इसके अलावा आयुक्त ने अस्पताल में रूई व पट्टी की खरीद में गड़बड़ी की शिकायतों पर सीएमओ को चेतावनी दी और निर्देश दिए हैं कि निर्धारित मानक व वजन की रूई व पट्टियां ही खरीदी जाएं। सीएमओ को निर्देश दिए कि जेई एई का प्रकोप शुरू होने के पूर्व बचाव व राहत कार्य के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली जायं तथा रोकथाम के लिए चलाया जा रहे टीकाकरण अभियान के तहत सभी बच्चों का टीकाकरण करा दिया जाय। निरीक्षण के दौरान सीएमओ गोण्डा डा0 संतोष श्रीवास्तव, सीएमएस पुरूष अस्पताल व अन्य उपस्थित रहे।

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