धर्मशाला: सुगम  केंद्र बनने पर भी लोगों के काम नहीं हो पा रहे हैं आसान

 

जिला उपायुक्त कार्यालय में अक्सर लोगों का आना जाना लगा रहता है।

लोगों की सहूलियत के लिए सुगम केंद्र तो बनाया की लोगों का सारा दिन खराब न हो, भीड न लगे, जल्दी काम हो सके। लेकिन आज भी व्यवस्था ज्यों की त्यों ही है।

वही इंतजार की कब अधिकारी अपनी कुर्सी पर आए और काम शुरू हो…11 बजे तक आना रहता है जनाब का, फिर कुछ समय खुद को समेटने में लग जाता है। कम से कम आधा घंटा और बर्बाद… काउंटर के बाहर खडे थके हारे लोगों की तरफ देखते हुए ऐसा प्रतीत होता है… मानो समय से लेट आकर भी जनता पर कोई बहुत बडा एहसान कर दिया है।

फिर जाकर सामने रखा सिस्टम ऑन करने की जद्दोजहद छिड जाती है। कहीं जाकर सिस्टम स्टार्ट होता है… तब लोगों में हल्की सी आस जगती है कि शुक्र है अब जल्दी काम हो जाएगा। लेकिन साथ ही घडी की बढती हुई सुई जिसमें करीब 12 बज चुके होते हैं, देखकर डर लगने लगता की आज 1:30 तक फारिक हो पाएंगे या कल फिर से यही सिलसिला जारी रहेगा।

जब जनता द्वारा गलती से पूछा जाए कि मैडम कब तक काम होगा या क्या आज फीस जमा हो जाएगी… तो पहले तो कोई जवाब नहीं आता… 4-5 लोगों के बार बार पूछने पर बडी मुश्किल से जवाब आता है… मेरी कोई गलती नहीं…. सारा कसूर सिस्टम का है… जो जल्दी ऑन नहीं हुआ

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