हिमाचल प्रदेश : पावर प्रोजेक्ट खन्यारा के कर्मचारियो ने इंक्रीमेंट न मिलने के विरोध में की दो दिन की स्ट्राइक… कहा मांगे न मानी तो होगा आंदोलन img-20180825-wa0098 img-20180825-wa0100

 

धर्मशाला, अनुज कटोच

 

पावर प्रोजेक्ट खन्यारा के कर्मचारियों ने इंक्रीमेंट न मिलने के विरोध में की दो दिन की स्ट्राइक। कर्मचारियों ने बताया कि पावर प्लांट के मैनेजमेंट द्वारा हमारे साथ धोखा किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पावर प्लांट में काम करने वाले कर्मचारियों और मैनेजमेंट के बीच एक एग्रीमेंट तय किया गया था, जिसके अनुसार हर वर्ष कर्मचारियों के वेतन में वृद्धि की जाएगी। उन्हें इंक्रीमेंट दिया जाएगा। लेकिन एग्रीमेंट और कर्मचारियों की मांगों को दर किनार कर पावर प्लांट मैनेजमेंट अपनी मनमानी पर उतर आए हैं। उन्होंने कहा कि जब भी कर्मचारी मिलकर इस विषय में मैनेजमेंट से बात करने के लिए कहते हैं तो मैनेजमेंट उनसे बात तक करना जरूरी नहीं समझती है। कर्मचारियो का कहना है कि सुपरवाइजर को मैनेजमेंट कर्मचारी संघ का हिस्सा नहीं मानती, अत: सुपरवाइजर को किसी भी प्रकार के इंक्रीमेंट व उनकी मांगें देने से पावर प्लांट मैनेजमेंट मना कर रही है और न ही सुपरवाइजर से इस विषय पर बात करने को तैयार है।

 

क्या कहते हैं पावर प्लांट मैनेजमेंट से रमन…

 

पावर प्लांट मैनेजमेंट से रमन से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि कर्मचारियों से बातचीत करने में मैनेजमेंट को कोई एतराज़ नहीं है। वह उनसे शांति पूर्वक बातचीत करने के लिए तैयार हैं। लेकिन सुपरवाइजर से वे किसी प्रकार की कोई बात नहीं करना चाहते हैं।

पावर प्लांट मैनेजमेंट द्वारा सुपरवाइजर को किसी भी प्रकार की वेतन वृद्धि या इंक्रीमेंट देने से इंकार किया गया है।

 

क्या कहते हैं मजदूर संगठन के अध्यक्ष रविंद्र कुमार

 

मजदूर संगठन के अध्यक्ष रविंद्र कुमार ने बताया कि पावर प्रोजेक्ट के मैनेजमेंट एग्रीमेंट के अनुसार हर साल जो इंक्रीमेंट पावर प्रोजेक्ट में काम करने वाले मजदूर यूनियन को देना तय हुआ था,वह उन्हें आज तक नहीं मिल पाया है। पावर प्रोजेक्ट के मैनेजमेंट इंक्रीमेंट न देने के अलग-अलग कुछ भी बहाने लगा रहे हैं। कभी इनका कहना है कि सुपरवाइजर मैनेजमेंट यूनियन में नहीं आते हैं। रविंद्र कुमार ने कहा कि इन्होंने सुपरवाइजर का बहाना लगाकर पीछे का भी इंक्रीमेंट नहीं दिया है। उन्होंने बताया कि जो सुपरवाइजर का मसला है वो अभी तक लेवर ऑफिसर के पास विचाराधीन है। जब तक लेबर ऑफिसर का फैसला नहीं आता तब तक इस तरह का कोई कंपनी लेबर का इंक्रीमेंट नहीं रोक सकती। इसका ये मतलब नहीं होना चाहिए कि बाकि सभी 50/60 पावर प्रोजेक्ट में काम करने वाले लोगों को भी इंक्रीमेंट न मिले क्योंकि यहां काम करने वाले सभी लोग मजदूर हैं न की सुपरवाइजर हैं ।

मजदूर संगठन अध्यक्ष रविंद्र कुमार ने बताया  कि मजदूरों को इंक्रीमेंट न मिलने के विरोध में उन्होंने दो दिन की स्ट्राइक रखी है। उन्होंने बताया कि अगर मैनेजमेंट ने मजदूरों को इंक्रीमेंट नहीं दिया और उनकी मांगों को पूरा नहीं किया तो आने वाले समय में आंदोलन होगा।

 

क्या कहती है स्वाभिमान पार्टी की नेत्री निशा कटोच….

 

स्वाभिमान पार्टी की प्रदेश महिला मंत्री निशा कटोच पावर प्लांट खन्यारा के कर्मचारियों के हक की लडाई में शामिल हुईं। उन्होंने कहा कि इतने लम्बे समय से इस पावर प्लांट में काम कर रहे स्थानीय लोगों के साथ किसी भी प्रकार का अन्याय नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि एग्रीमेंट के आधार पर यहां काम करने वाले लोगों की जो मांगे हैं कंपनी को तत्काल उसे पूरा करना चाहिए। निशा कटोच ने पावर प्रोजेक्ट में काम करने वाले लोगों को आश्वासन दिया कि वह इस लडाई में उनके साथ है। निशा कटोच ने खन्यारा पावर मैनेजमेंट से भी इस विषय पर बातचीत की ।

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