विध्य मे भी किसान सूखा के वजह से मार खा गए लेकिन किसानो के खातिर कोई ठोस कदम नही उठा या जा रहा है

जिससे किसानो की समास्या का निदान हो सके और यह समास्या मऊगंज नईगढी रघुनाथगंज सीतापुर हनुमना पिपराही देवतालाब के साथ और भी कई इलाको मे किसानो की खेती सूख गई है और अब किसान सिर्फ आसमान की ओर ऑख लगा कर देख रहा है और अब किसान का हाथ खाली हो चुका है क्यो खदय बीज कीटनाशक दवाइयॉ खरीदी किया है लेकिन फायदा के नाम पर कुछ प्नाप्त नही हुआ है वल्की किसानो ने डीजल माहगे रेट पर खरीदी करने के लिए मजबूर हो चुकेहै और इस सम्बंध मे जब किसानो से चर्चा किया गया तो किसानो ने कहा कि हम सब किसानो से बीमा की राशि बहुत पूराने समय से जमा कराई जा रही है लेकिन हम सब किसानो को बीमा की राशि नही मिली है और उसी बीच किसानो ने कहा कि अखिर किसानो की जो बीमा की राशि जमा कराई गई है तो किस खाते मे जमा हुईहै और कौन है जिम्मेदार किसान या फिर फुरसत से बैठे अधिकारी या फिर और कोई और यह सवाल किसानो ने किया है और किसानो ने अपने शब्दो मे कहा की अगर किसानो से जो बीमा की राशि जमा कराई जाती है तो उस को किसानो को सीधे सुविधा मिल जाए तो किसानो की समास्या का निदान हो सकता है अन्था संभव नही है और किसानो हर जगहो पर बीमा की राशि के खातिर आवाज उठाए है लेकिन किसानो की आवाज को दबाया जा रहा है और अब सवाल इस बात का है अखिर किसानो को डीजल माहगे रेट पर और खदय महगी बीज महगा कीटनाशक दवाइयॉ महगे रेट पर खरीदी करना पड रहा है तो क्या बीमा की भी राशि बढाती नजर आ रही है लेकिन किसानो को बीमा की सुविधा मुहाई नही कराई जा रही है और यह समास्या का समाधान कैसे हो सकता है जिससे किसानो की मेहनत का दाम मिल सके और किसान भी खुश हाल हो सके।

मऊगंज रीवा मप्र से
संजीत द्विवेदी की रिपोर्ट

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