उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में हुए हत्याकांड में आज उत्तर प्रदेश पुलिस महानिदेशक ने ओ पी सिंह ने आरोपी दोनो पुलिस कर्मियों पर हत्या का मुकदमा दर्ज करते हुए उन्हें जेल भेज दिया है साथ ही उन्हें प्रभाव से बर्खास्त कर दिए जाने की बात भी कही
गौरतलब है कि एप्पल कम्पनी में बतौर प्रबन्धक कार्य करने वाले मुकेश की गलती सिर्फ इतनी थी कि पुलिस कर्मियों द्वारा उन्हें रोकने पर वो अकारण रात में नही रुके जिसके चलते उनपर पुलिस कर्मी ने गोली मार दी जिससे उनकी मौत हो गयी
पुलिस कर्मी की माने तो विवेक ने उनके ऊपर गाड़ी चढ़ाने का प्रयास किया वही मीडिया से बातचीत में विवेक की सहकर्मी ने बताया कि गाड़ी विवेक ने नही रोकी लेकिन पुलिस कर्मियों ने विवेक को गोली मार दी
अन्तः उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक ओपी सिंह ने स्पष्ठ किया कि आत्मरक्षा का मतलब यह नही हो सकता कि आप जनता को नुकसान पहुंचाने का कार्य करे जिससे माहौल खराब हो यह मसला आत्मरक्षा नही बल्कि हत्या का है।
उधर आरोपी पुलिस कर्मी की पत्नी की माने तो उनके पति की मदद प्रसासन नही कर रहा है उनकी बात नही सुनी जा रही है और उनका मुकदमा नही लिखा जा रहा है।
उत्तर प्रदेश के बीजेपी नेता ने इसे पुरानी पुलिस भर्ती से जोड़कर समाजवादी सरकार पर निशाना साधा है कि आरोपी एक विशेष समुदाय का है जिस समुदाय के लोगो को गलत तरीके से नौकरी मिली है जिस भर्ती लेकर भारी विवाद भी हुआ है ।

सासन ने मृतक की पत्नी को नगर निगम में नौकरी और 25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता व सी बी आई जांच का आस्वासन भी दिया है जिसके बाद कल पार्थिव शरीर का विसर्जन किया जाएगा

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