ई-विज्ञापनों का कराना होगा प्रमाणीकरण
बिलासपुर /29 अक्टूबर 2018/भारत निर्वाचन आयोग द्वारा इलेक्ट्राॅनिक विज्ञापनों तथा सोशल मीडिया पर राजनीतिक विज्ञापनों के प्रमाणीकरण के संबंध में आवष्यक दिषा-निर्देष दिये गये है। जिसके अनुसार आयोग ने कहा है कि राजनीतिक दलों अथवा प्रत्याशी को किसी भी प्रकार के राजनीतिक ई- विज्ञापन का मीडिया प्रमाणन एवं मीडिया निगरानी समिति (एम.सी.एम.सी) से पूर्व- प्रमाणीकरण कराना अनिवार्य होगा।
       राजनीतिक विज्ञापनों, जिसमें राजनीतिक लाभ लेने, मतयाचना अथवा किसी अन्य दल अथवा प्रत्याशी के द्वारा ई-विज्ञापन किया जाता है, तो उसका पूर्व प्रमाणीकरण अनिवार्य है। इसके साथ ही राजनीतिक विज्ञापनों के प्रसारण हेतु किए जाने वाले व्यय को भी राजनीतिक दलों अथवा प्रत्याशी के निर्वाचन व्यय में शामिल किया जाएगा।
      भारत निर्वाचन आयोग ने पुनः स्पष्ट किया है कि सोशल मीडिया पर स्वयं के अकाउंट से किये गए राजनीतिक सामग्री संबंधी पोस्ट को निर्वाचन व्यय का हिस्सा नहीं माना जाएगा, किन्तु अन्य प्लेटफार्म, सोशल साइट, ई- पेपर समेत अन्य किसी भी इलेक्ट्राॅनिक माध्यम में राजनीतिक विज्ञापन को पुर्नसृजित अथवा प्रसंस्कृत किए जाने पर उसका व्यय निर्वाचन खर्च का हिस्सा माना जाएगा।
    भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार राज्य स्तर पर एक राज्य स्तरीय एमसीएमसी कमेटी मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय द्वारा गठित किया गया है। राज्य स्तरीय कमेटी में राजनीतिक दलों द्वारा राजनीतिक ई- विज्ञापनों का प्रमाणीकरण कराया जा सकता है।इसके साथ ही हर जिले में जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा जिला स्तर पर एमसीएमसी कमेटी गठित है, जहाँ प्रत्याशी अपने विज्ञापनों का पूर्व प्रमाणीकरण करा सकते हैं।

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