उत्तर प्रदेश के बहुचर्चित सीतापुर पुलिस-अधिवक्ता विवाद काफी सुर्खियां बटोर चुका है
जिसको लेकर वकीलों ने हड़ताल व आख़िर जंग तक का एलान कर दिया है
जिस पुलिस अधिकारी के ऊपर लग रहे है आरोप आइए जानते है उनके बारे में भी कुछ
सीतापुर के वर्तमान पुलिस अधीक्षक चौतीसवर्षीय प्रभाकर चौधरी मूलतः उत्तर प्रदेश के अंबेडकर नगर के निवासी है
विज्ञान संकाय से स्तानक के साथ साथ कानून की पढ़ाई भी प्रभाकर ने की है
चौधरी 2010 के आईपीएस है 2012 में उत्तर प्रदेश कैडर में उन्हें नियुक्ति मिली जिसके बाद उनके काम करने के तरीके से तमाम अपराधियों में भय व्याप्त है
चौधरी को उत्कृष्ठ कार्यो के चलते
उत्तर प्रदेश पुलिस पदक से भी दो बार सम्मनित किया गया सर्वप्रथम 26/11/2017 को रजत पदक
और हाल ही में 15/8/2018 को स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया है।
गौरतलब है कि प्रभाकर चौधरी इस मामले में क्या भूमिका है यह स्पष्ठ रूप से कह पाना तो कठिन है लेकिन
दो पदक और जनता के बीच पहचान निश्चित रूप से प्रभारक के कार्यप्रणाली को लेकर बहुत कुछ कहती है। गौरतलब है कि जिले में दरोगाओं का एग्जाम कराकर थाने बाटने को लेकर काफी सुर्खियों में आये थे चौधरी

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