बांगरमऊ उन्नाव 12 दिसंबर । बांगरमऊ को जिला बनाए जाने की मांग फिर से जोर पकड़ने लगी है। क्षेत्र के ग्राम इस्माइलपुर आंबापारा निवासी उच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता फारूक अहमद ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर जनहित में बांगरमऊ को शीघ्र जिला बनाये जाने की मांग की है।
गौरतलब कि यश भारती से सम्मानित प्रमुख समाज सेवी अधिवक्ता फारूक अहमद ने 28 अप्रैल 2017 प्रदेश के मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर बांगरमऊ तहसील को जिला बनाए जाने की मांग की थी। इसके अलावा सांसद डॉ सच्चिदानंद हरि साक्षी महाराज ने भी शासन से बांगरमऊ को जिला बनाए जाने की मांग की थी। दोनों की मांग पर विचार करते हुए उत्तर प्रदेश शासन ने अपने पत्र दिनांक 13 जून 2017 को राजस्व परिषद से आख्या मांगी थी । अनुपालन में दिनांक 12 सितंबर 2017 को राजस्व परिषद ने जिलाधिकारी उन्नाव, जिलाधिकारी कानपुर नगर व जिलाधिकारी हरदोई से आंख्या सहित प्रस्ताव मांगा था।
परन्तु एक वर्ष से अधिक समय व्यतीत हो जाने के बाद भी संबंधित जिलाधिकारियों ने राजस्व परिषद को आंख्या व प्रस्ताव नहीं भेजा । परिणाम स्वरूप शासन स्तर पर बांगरमऊ को जिला बनाए जाने की कार्यवाही आगे नहीं बढ़ पा रही है। फारूक अहमद एडवोकेट ने आज पुनः मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर कहा है कि इस संबंध में दिनांक 22 मई 2017 को जिलाधिकारी उन्नाव ने उत्तर प्रदेश सरकार को पत्र लिखा था कि यह नीतिगत मामला है। जिसका निस्तारण शासन स्तर पर संभव है। 12 सितंबर 2017 को आयुक्त एवं सचिव राजस्व परिषद ने संबंधित जिलाधिकारियों को पत्र लिखकर आख्या मांगी थी। तत्पश्चात दिनांक 5 जून 2018 को राजस्व परिषद ने फारूक अहमद को सूचित किया था कि पत्र दिनांक 12 सितंबर 2017 के द्वारा जिलाधिकारी उन्नाव, जिलाधिकारी कानपुर नगर व जिलाधिकारी हरदोई से जो आख्या/प्रस्ताव मांगा गया था वह अभी तक अपेक्षित है।
संबंधित जिलाधिकारियों द्वारा अभी तक आख्या/ प्रस्ताव न भेजने के कारण ही बांगरमऊ को जिला बनाए जाने की कार्यवाही आगे नहीं बढ़ पा रही है। मुख्यमंत्री को लिखे पत्र की प्रतिलिपि राजस्व मंत्री, प्रमुख सचिव, आयुक्त एवं सचिव राजस्व परिषद के साथ- साथ जिलाधिकारी उन्नाव, जिलाधिकारी कानपुर नगर, व जिलाधिकारी हरदोई को भी प्रेषित की गयी है।

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