ब्यपारी का एक सौ बीस कट्टा धान एसडीएम ने पकड़ा।

छुरा। गरियाबंद जिले के छुरा विकास खण्ड के अनेकों धान ब्यवसायी जो विभिन्न दलों के नेता बन कर स्थानीय मंण्डी कर्मचारियों को नेता गिरी के धौस दिखाकर साहूकार स्वयं के द्वारा खरीदी धान को किसानों के दस्तावेजों के सहारे समर्थन मूल्य पर धान बेचकर शासन को चूना लगाया जाता है। छुरा अंचल ओडिशा सीमा से घिरा हुआ है, ओडिसा से ब्यपारी धान खरीद कर छुरा के आसपास के सहकारी धान खरीदी केन्द्रों में खपाया जाता है आज गरियाबंद अनुविभागीय अधिकारी राजस्व पी आर साहू ने गरियाबंद से छुरा आते समय छुरा – खरखरा मार्ग पर एक पीक अप वाहन cg-o4-jd-0278 वाहन मालिक सुरेन्द्र सेन किराना ब्यपारी छुरा का वाहन में एक सौ बीस कट्टा पतला धान भरकर परिवहन किया जा रहा था। ग्राम सेम्हरा छुरा सोसायटी के अन्तर्गत आता है। परिवहन करते वाहन में वाहन का ड्राइवर एवं हमाल बैठे थे। ड्राइवर एंव हमाल से एसडीएम पी आर साहू को पंचनामा ब्यान में बताया कि सेम्हरा किराना ब्यपारी के दुकान से धान कट्टा लोड कर पप्पू चन्द्रकार के कहे अनुसार सिवनी सोसायटी बेचने के लिए ले जा रहे थे। उक्त वाहन भी किराना धान ब्यपारी सुरेन्द्र सेन का है। छुरा मे कृषि उपज मंडी के दो कर्मचारी पदस्थ हे जो चौक चौराहे के पान चाय दुकान एवं धान ब्यपारी नेताओं के दुकानों में बैठे रहते हैं और धान के अवैध तस्करों द्वारा सोसायटी में धान खपाया जाता है। मंण्डी कर्मचारियों द्वारा अवैध धान निकासी पकडा नहीं जाता है इससे साफ जाहिर होता है कि धान तस्कर ब्यपारीयो के साथ साठ गांव कर धान का खेल लम्बे समय से चल रहा है यंहा का मंण्डी कर्मी बीस साल से जमे हुए हैं। लम्बे समय से जमे होने के कारण छुरा क्षेत्र के ब्यपारीयो के साथ मधुर संबध बना कर शासन को चूना लगाया जा रहा है। धान मालिक रोशन चन्द्रकार पप्पू को जांच अधिकारी द्वारा बुलाये जाने के बाद भी ब्यान देने के लिए आने के बजाय अन्यत्र स्थान के लिए नदारद हो गया। एसडीएम ने उक्त वाहन को आरक्षी केन्द्र छुरा मे खडी करवा करवा कर जांच कर मंण्डी अधिनियम के तहत कारवाही किया जा रहा है।

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