जनपद कौशाम्बी पुरी तरह से भगवान के भरोसे है।
अपराध सहित अन्य समस्यओं का जहाँ कोई हिसाब ही नही है वही दूसरी तरफ
पशुपालन कम कम से कौशाम्बी में कर पाना लगभग मुश्किल ही नही नामुमकिन सा है क्योंकि यहाँ न कोई डॉक्टर है न दवा बने हुए अस्पताल भूत खाना बने हुए है जिसके चलते मवेशियों को किसी भी प्रकार इलाज संभव नही है।साथ ही अगर किसी मवेसी की जान चली जाए तो उसके शव को ठिकाने लगाने के लिए हलाकान होना पड़ता है
जिला पंचायत द्वारा उठाये गए ठेके वाले लोग मरे पशु को उठाने के नाम पर अच्छी खासी रक़म की पेशकश करते है न देने पर पशु उठाने से इनकार कर देते है।
सैनी में स्थित पशुचिकित्सालय दशक से बड़ पड़ा है जिस ओर सासन और प्रसासन के कोई ध्यान नही है।
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री के ग्रह जनपद होने के बावजूद भी जिले के अधिकारी असंवेदनशील है।
ऐसे तमाम मामले आये दिन आते रहते है जिसके लिए जिम्मेदार गैरजिम्मेदाराना रवैया दिखाते है।

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