स्कूली छात्र छात्राओं सहित राहगीरों के आंखों में राईसमिल के डस्ट – भूसा पडनें से हो रही है परेशानी ??

छुरा – छुरा में बस स्टैंड व सरस्वती शिशु मंदिर एवं शासकीय प्राथमिक व माध्यमिक शाला से महज 200 मीटर की दूरी पर लगे हरिओम इडस्ट्रीज यूनिट राइसमिल से निकलने वाले डस्ट ने मासूम छात्रों का आना जाना और छुट्टी के पलों में खेलना दुभर कर दिया है जिसका मासूम बच्चों के आंख व स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ रहा है ,छुरा के लोगो का जीवन दुश्वार कर दिया है राईस मिल से निकलने वाले डस्ट सेे स्कूली छोटे छोटे छात्रो से लेकर जवान महिला पुरूषो के साथ ही अति वरिष्ठ नागरिको को श्वांस दमा की बीमारी होने की आंशका के साथ साथ सांस लेने की तकलीफ बढते जा रही है। छुरा नगर स्थित बस स्टेंड जंहा दिनभर लोगो का हुजूम लगा रहता है साथ ही भोजनालय, पान पैलेश,हेयर सेलून,कई दुकानें है जो दिन रात हरिओम इडस्ट्रीज राइस मिल से निकलने बाले डस्ट से जिनकी दुकानों मे राइसमिल के डस्ट की परत जमी रहती है ,हरिओम इडस्ट्रीज राइसमिल जो कि सभी नियमो को ताक में रखकर राईस मिल को नगर में संचालित किया जा रहा है।जिसपर निकलने बाले डस्ट का कोई पुख्ता इंतजाम नही है राइस मिल के पीछे खुले पाइप से डस्ट बाहर निकलता है जिससे स्कूल और बस स्टैंड में कोहरा छाया रहता है राईस मिल से वर्तमान में हो रही धान कुटाई से वायु प्रदुषण जिसमे धान का भूसा पूरे शिक्षक नगर में फैल रहा है जिससे लोगो को सांस लेने में परेशानी हो रही है गौरतलब है कि हरिओम इडस्ट्रीज राईस मिल को चलाने वाले ठेकेदार ने दिखावे के लिये नाममात्र का टायर लगाया है जो कि इस मिल से निकलने वाले डस्ट को रोकने के लिये उपयोगी साबित नही हो रहा है। प्रदुषण के चलते कडकडाते ठंड ने वायु प्रदुषण में बढोत्तरी कर रही है जबकि वायु प्रदुषण से त्रस्त देश की राजधानी दिल्ली वासी इस समस्या से काफी परेशान हो रहे हैै। समय रहते यदि इस मिल से निकलने वाली समस्या का हल नही निकाला गया तो दमा के मरीजों की संख्या में इजाफा होगा शासन और प्रशासन को इसके लिये भविष्य में इस समस्या का निदान करना मुश्किल हो जायेगा। वही दूसरी तरफ इस हरिओम इडस्ट्रीज राईस मिल को चलाने वाले ठेकेदार के द्वारा अपनी मनमानी की जा रही है। राईस मिल के प्रबंधक के द्वारा इस समस्या को नजर अंदाज किया जा रहा है नगर वासियों के स्वास्थ्य की चिंता नहीं है । ठेकेदार सागर रतनानी ने बताया के शेड के लिये मैने पैसा दे दिया हुँ और शेड जल्दी बनाया जायेगा। नगर के गणमान्य नागरिक धर्मेंद्र दीक्षित, डॉ वाय के चन्द्रकार, जितेन्द्र कुमार ध्रुव, ने कलेक्टर गरियाबंद से मांग किया है कि राईस मिल से निकलने वाले डस्ट भूसा सडकों में उड रहा है जिसे रोक लगाने के लिए मिल मालिक द्वारा शेड लगाने के लिए निर्देश जारी करे मिल मालिक जनता की बात को अनसुना कर दिया है।

इस संबंध में जिला चिकित्सालय गरियाबंद के मेडिकल आफिसर डाॅ अजय सिंह ने बताया कि धान के भूसां से दमा के अटैक होने की संभावना बढ जाती है। इसके जो छोटे कण है जो हमारा फेफडा है उसके निचे एल्बुलाई तक पहुच जाते है, ब्रोकाईटिस हे फिवर और बहुत एलर्जी के मरीज होते है जिसको त्वचा के लक्षण सांस लेने मे तकलीफ ऐसी परेशानियां होने लगती है। कण आंख में चले जाने से आंखो में नुकसान पहुचता है। ठंड के मौसम में खासकर तकलीफ बढ जाती है।

LEAVE A REPLY