सरकारी स्कूली बच्चों से कराई जा रही मजदूरी बाल श्रम रोकने हेतु प्रतिनिधिमंडल एसडीएम से मिला

वाराणसी : रोहनियां बाल मजदूरी में हो रहे इजाफे से चिंतित विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों सहित सामाजिक कार्यकर्ताओं का एक प्रतिनधिमंडल शनिवार को उपजिलाधिकारी राजातालाब कार्यालय में एसडीएम के अनुपस्थिति में नायब तहसीलदार अरुण गिरी से से मिलकर श्रम मंत्री के नाम संबोधित दिए पत्रक में बाल श्रम रुकवाने की मांग की गई।

 

कहा कि बच्चों से मजदूरी कराने वालों पर सख्त कार्रवाई हो।

बालश्रम की घटनाएं दिन प्रतिदिन बढ़ रही हैं। बरात, जन्म दिन समारोह, मेरिज लॉन, बैंड पार्टी, टेंट मालिक, कैटरिंग मालिक, ढाबे आदि में बच्चों से काम लिया जाता है। जितना बड़ा बच्चा नहीं होता, उससे ज्यादा उसके सिर पर बोझ रखा होता है। सर्वोच्च न्यायालय और मानवाधिकार निगरानी समितियों की सख्ती के बाद भी श्रम उन्मूलन एक बड़ी चुनौती बन गया है। यह जग जाहिर है कि वाराणसी एवं राजातालाब को बाल श्रम के लिए अत्यंत संवेदनशील माना जाता है। जब भी बाल श्रम की बात आती है तो उसके साथ बच्चों की गुमशुदगी, चोरी, अपहरण व यौन शोषण जैसे मामले उछाले जाते हैं। प्रतिनिधिमंडल ने बाल श्रम रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की।
बताते चले कि विगत 3 जुलाई को बीआरसी आराजी लाइन कार्यालय पर स्कूली बच्चों से किताबे ढुलवाने के मामले में आजतक कोई कार्रवाई नहीं होने पर नाराजगी जताते हुए शीघ्र ठोस कार्रवाई कर दोषी को दंडित करने की भी मांग रखी गई।

प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस (इंटक ) वाराणसी के महासचिव (प्रशासनिक ) अशोक कुमार मिश्र ने किया इस मौके पर धर्मराज पटेल, संदीप यादव, बसंता राजभर, प्रेम शंकर, उमेश भारतीय आदि मौजूद थे।

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