युवराज यादव,संयुक्त संपादक (छत्तीसगढ़) 09977508311

बलौदाबाजार/कसडोल। आज हम आजादी के 73वे पड़ाव में पहुंच चुके है लेकिन इस पड़ाव में पहुंचने के बावजूद जनपद पंचायत कसडोल की कई ग्रामों में विकास लगभग कागजों में ही दौड़ रहे है, जिसकी एक बानगी ग्राम पंचायत चरौदा(क) में भी देखी जा सकती है। मामला अंतिम संस्कार से जुड़ा हुआ है दरअसल ग्राम चरौदा(क) में आज भी किसी व्यक्ति के मौत के बाद मुक्तिधाम नही होने के कारण या तो नदी किनारे दफना दिया जाता है या उस मृत शरीर को नदी के किनारे अग्नि दहन किया जा रहा है, जिससे नदी समीप होने के कारण पूरा महानदी में गंदगी फैलता जा रहा है।
यह था मामला
बीते 23 सितंबर को ग्राम चरौदा (क) में 35वर्षीय द्वारिका रात्रे की मौत एक रेल दुर्घटना में पुणे के समीप होने की जानकारी गांव वालों को मिली। पता करने पर जानकारी लगा की द्वारिका जीवन यापन करने कई वर्षों से बाहर जाता था, मामले की जानकारी के बाद परिजन पुणे के लिये रवाना हुए। वही 25 सितंबर को मृत शरीर अपने गृह ग्राम चरौदा लाया। यहाँ पूरा क्रियाकर्म होने के बाद परिजनों ने मूसलाधार बारिश में मृत द्वारिका को गांव में मुक्तिधाम नही होने के कारण अग्नि दहन की जगह समीपस्थ महानदी के समीप मजबूरन दफनाया गया। व नदी के किनारे मूसलाधार बारिश होने से अंत्येष्टि स्थल के ऊपर लोग काफी देर तक बरसाती तानकर खड़े रहे, तभी अंतिम संस्कार हो सका। इस दौरान सभी ने मुक्तिधाम नही होने की शासकीय तंत्र पर सवाल उठाया। इसके अलावा जिम्मेदारों को खूब कोशा।

आखिर कौन करेगा पहल
15 वर्षो से सत्ता में रही भाजपा के नुमाइंदे भी इस गांव की तस्वीर नही बदल सके, जबकि ग्रामीणों का कहना है कि यहाँ के सरपंच भी भाजपा से ताल्लुक रखते थे लेकिन उन्होंने भी पूरे साढ़े चार वर्षो से पैसा नही होने का हवाला देकर अपना पल्ला झाड़ते रहें है। लेकिन अब सत्ता सरकार के बदलाव के कारण यहाँ के ग्रामीणों को अब ग्राम में कुछ नया देखने की आस लिए बैठे हुए है। बहरहाल अब यहाँ पर एक सवाल चल रहा है की अब किसके द्वारा ग्राम में मुक्तिधाम के लिए पहल की जाएगी।

इनका कहना है।
गांव में मुक्तिधाम नही होने के कारण बारिश और गर्मी के मौसम में ग्रामीणों को अंतिम संस्कार करने में दिक्कत होता है, इस समस्या से जल्द निपटने के लिए हमारे द्वारा प्रयास किया जा रहा है।
रामगोपाल घृतलहरे
सरपंच, ग्राम चरौदा (क)

ग्राम पंचायत में मुक्तिधाम होना बहुत जरूरी है, लेकिन शासन से हमे मुक्तिधाम के लिए कोई पैसा नही मिला है। जिससे अभी तक निर्माण नही हो सका है।
सालिक राम साहू
सचिव, ग्राम चरौदा (क)

आगामी समय मे किसी मद में पैसा मिलने के पश्चात मुक्तिधाम का निर्माण कराया जाएगा।
नेहरुल महेश्वरी
सीईओ, जनपद पंचायत कसडोल

अभी तक हमारे पास किसी तरह का आवेदन नही मिला है, आपके माध्यम से जानकारी प्राप्त हुआ है। जल्द ही जनपद पंचायत के अधिकारियों से बात करके मुक्तिधाम निर्माण कराया जाएगा।

सुश्री शकुंतला साहू
विधायक, कसडोल विधानसभा

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