भोरे भूरिश्रवा की मिट्टी की वह तस्वीर जो आज बयां कर रही है वह छिपाने वाली नहीं है भले ही इसे कुर्सी पर बैठे रहनुमा इसे नजरअंदाज कर दे लेकिन भोरे से आई बदहाली की वह तस्वीर छिपाया नहीं जा सकता कुछ ऐसी ही तस्वीर भोरे प्रखंड के ब्लॉक कैंपस थाना परिसर के सामने से गुजर रही सड़के जलजमाव के कारण आम लोगों से लेकर राहगीरों के लिए परेशानियों का सबब बनते दिख रही है अगर इसकी जिम्मेवारी प्राकृतिक देन पर छोड़ दी जाए तो यह बेईमानी होगी।

जलजमाव में तब्दील हुई भोरे की गलियां।

भोरे, स्थानीय थाना में प्रवेश करने वाली सड़क का हाल भी छुपाया नहीं जा सकता अभी कल शाम में ली गई मीडिया द्वारा तस्वीरें आप साफ़ देख सकते हैं कि थाना परिसर से महज कुछ दुर् सीधी सड़क से दो रास्ते कटता है हालांकि एक रास्ता उत्तर दिशा में भोरे विजयीपुर पथ में जाकर मिलता है जबकि दक्षिण दिशा में जाने वाली सड़क सीधा भूरिश्रवा स्थित मंदिर की तरफ जाती है जबकि थाना परिसर से सीधा सड़क भोरे गांव घूमते हुए सीधा विजयीपुर पथ मे जाकर मिलती है हम उसी पथ की बात कर रहे हैं
जो चल जाए जो जलजमाव में पूरी तरह तब्दील है हजारों लोग प्रतिदिन अपनी जान जोखिम में डालकर इस रास्ते से गुजरते हैं इस सड़क पर ना ही जनप्रतिनिधियों का ध्यान है ना इस क्षेत्र के विधायक का,सरकारी रहनुमाओं की बात करें तो इनकी गाड़ियां गुजरती जरूर है लेकिन रास्ते बदल दिए जाते हैं यह मैं नहीं ग्रामीणों का कहना है।

दौर खत्म नहीं होता जलजमाव की मार झेल रहा भोरे का मवेशी अस्पताल भी कुछ यही बया कर रहा है।

आपको ले चलते हैं भोरे ब्लाक परिसर के ठीक उत्तर दिशा जहाँ कुछ कदम की दूरी पर स्थित है मवेशी अस्पताल जो आज भी जलजमाव की मार झेल रहा है। ऐसा नहीं है कि यहां मवेशी अस्पताल के प्रभारी नहीं आते हो लेकिन कमी है तो यहां पर आम लोगों की जिनके पशुओं जो बीमार होते हैं उन्हें जलजमाव को ही रास्ता बनाना पड़ता है डॉक्टर को सूचना देने के लिए वहीं ज्यादातर वैसे मवेशी रखे किसान आज मवेशी अस्पताल की जगह अब सीधा झोलाछाप डॉक्टरों को फोन कर मवेशियों का इलाज करा रहा है।

भोरे का अंचल कार्यालय भी नहीं रहा अछूता।

वहीं जलजमाव के कारण आज भोरे अंचल कार्यालय का हाल भी खस्ता हो गया है जहां आम लोगों की भीड़ आज कई दिनों से दिखाई नहीं देती ऐसा नहीं कि अफसर आकर इसे नहीं खोलते लेकिन आलम यह है कि परिसर के अंदर से लेकर बाहर गड्ढे में तब्दील हो गई सड़कें और कीचड़ नुमा जलजमाव आम लोगों के लिए मुसीबत का सबब बन गई है और सिस्टम पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

भोरे शिक्षा विभाग विभाग पर भी है जलजमाव का कब्जा।

शिक्षा विभाग का हाल भी आज वैसा ही है परिसर के बाहर जमा हुआ जलजमाव के चलते यहां पर मछलियां तो दिखती है लेकिन दर्जनों की कतार में लगी शिक्षकों की बाइक आज नजर नहीं आती है जिसको लेकर अब तक विभाग की तरफ से कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं आम लोग आज भी समस्याओं से जूझ रहे हैं सड़क गड्ढे में तब्दील हो चुके हैं ब्लॉक कैंपस की, हर रोज आम लोग जोखिम उठाकर बाजार की तरफ जाने पर मजबूर है, जिसे छिपाया नहीं जा सकता आखिर कब मिलेगी भोरे की जनता को इस जलजमाव से मुक्ति सिस्टम चुप है जनप्रतिनिधियों की आवाजें आज बंद है।
आखिर क्यों।

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