कुचायकोट संवाददाता केके गुप्ता की रिपोर्ट।

यह मैं नहीं कह रहा है कि मैंने सरकार को पत्र भेजा कुव्यवस्था को लेकर और ठीक नहीं कराया गया लेकिन सवाल यह है कि जिस जगह पर इस मॉडल स्टेशन का निर्माण मंत्रालय के द्वारा कराया गया था आज इसकी बदहाली इस और इशारा कर रही है जो छिपाया नहीं जा सकता शौचालय बंद गंदगी का अंबार चापाकल ध्वस्त प्रशासन खामोश इतना ही नहीं स्टेशन पर अंधेरा रहने से यात्रियों को काफी बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ता है यहां तक कि स्टेशन पर सुचारू रूप से कोई नल नहीं है जिस कारण लोगों को अपनी प्यास बुझाने के लिए बाजार की तरफ पैर बढ़ाना पड़ता है मॉडल स्टेशन कहे जाने वाले सासामुसा स्टेशन अपने आप पर आंसू बहा रहा है स्टेशन का शौचालयआज इस बात की गवाही दे रहा है कई वर्षों से ख़राब चापाकल आज भी वैसे ही पड़ा हुआ है लेकिन आज तक अधिकारियों के द्वारा मरम्मत नहीं कराया गया इसको लेकर यात्रियों और ग्रामीणों के द्वारा कई बार प्रदर्शन भी किया गया अधिकारियों के द्वारा आश्वासन के बाद भी आज तक न चापाकल की मरम्मत कराई गई और न कोई सफाई की गई।

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