कौशाम्बी/सिराथू


उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के गृह जनपद की गृह तहसील का ये आलम सरकार के भ्र्ष्टाचार के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस नीति की हवा निकालने के लिए काफ़ी है
जनपद में तीन उपनिबंधक कार्यालय रजिस्ट्री ऑफिस है जिनमे एक सिराथू है
सिराथू रजिस्ट्री ऑफिस के बारे में नाम न उज़ागर करने की सूरत पर एक अधिवक्ता ने बताया कि यहाँ स्टाम्प चोरी बड़ी जोरों पर है किसी भी जमीन की सही मालियत के स्थान पर उसकी ग़लत मालियत बनाकर खरीददार को बड़ा लाभ दिलाया जाता है जिसकी एवज में कार्यालय के कर्मचारी अच्छी खासी न्योछावर भी लेते है
ऑडिट के नाम पर खानापूर्ति के कारण अभी तक किसी भी प्रकार की कोई बड़ी कार्यवाही भी नही हुई है
कार्यालय पूरी तरह से दलालों के कब्ज़े में
यहाँ ग़ैरसरकारी कर्मचारियों का जमावड़ा है जिनके हाथ मे पूरा कार्यालय है
एक ही परिवार के तमाम लोग कम्प्यूटर ऑपरेटर सहित अन्य कार्य देख रहे है जिनकी न कोई नियुक्ति है और न कोई आधार
यही नही यहाँ जमीन खरीददारों से अच्छी खासी रक़म भी कमीशन के नाम पर ली जाती है

एक ओर जहां योगी सरकार भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ ज़ीरो टॉलरेंस नीति पर काम करने का दम भर रही है तो दूसरी ओर सरकारी कार्यालय दलालों के हाथ के सौपा जा चुका है


गौरतलब है कि सूबे के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य का कार्यालय भी यही स्तिथ है यही उनका आवास भी है आये दिन माननीय स्वयं यहाँ आते है लेकिन अभी तक इस तरह के व्याप्त भ्रष्टाचार पर उनकी नज़र आख़िर क्यो नही पड़ी है ये अपने आप मे यक्ष प्रश्न है

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