सुनामी एक्सप्रेस गोपालगंज।
ब्यूरो चीफ प्रदीप शर्मा।गोपालगंज।

गोपालगंज पुलिस के कारनामे भी अजीब हैं. बिना जांच के ही एक ऐसे व्यक्ति को उसकी गाड़ी की नीलामी की नोटिश थमा दी है. जिसका दूर दूर तक शराब के धंधे से कोई नाता नहीं है और नाही कभी उसकी बाइक जब्त हुई है. ऐसे में नोटिश मिलने के बाद पीड़ित काफी मानसिक तनाव झेल रहा है. हैरत की बात तो यह है कि एक ही नंबर की दूसरी बाइक विश्वंभरपुर थाने में शराब के एक कांड में जब्त है. जिसे पुलिस ने दो साल पहले जब्त किया गया था. दो वर्षों में पुलिस को यह भी पता नहीं चल सका कि बाइक चोरी की है.
क्या है पूरा मामला

एक ही नंबर की दो बाइक, एक को पुलिस ने किया था जब्त।

विश्वंभरपुर थाने की पुलिस ने 18 जुलाई 2017 को विशेष जांच अभियान के दौरान एक धंधेबाज को शराब के साथ गिरफ्तार किया था. जिसके पास से एक बाइक भी जब्त की गयी थी. मामले को लेकर तत्कालीन प्रभारी थानाध्यक्ष रामाशीष प्रसाद सिंह ने गोपालपुर थाना क्षेत्र के सहलादपुर गांव निवासी हीरालाल राम और श्रीपुर ओपी क्षेत्र के नन्हें मियां के खिलाफ कांड संख्या 73/17 के तहत प्राथमिकी दर्ज की थी. जिसमें आइपीसी की धारा 414 भी लगाया गया था. इस मामले में पुलिस ने गिरफ्तार धंधेबाज हीरालाल राम को जेल भेज दिया था. केस का अनुसंधानकर्ता एएसआइ विनोद साह को बनाया गया था. जो स्पेलेण्डर बाइक जब्त की गयी थी, उस पर बीआर 28बी 0803 नंबर अंकित था.

बिना जांच के ही गाड़ी के असली मालिक को भेजी नोटिश।

चोरी की बाइक रखने का धारा जोड़ने के बाद भी रजिश्ट्रेसन नंबर का नहीं हुआ सत्यापन
केस के अनुसंधानकर्ता ने चोरी की बाइक की जांच की, उस अंकित रजिस्ट्रेशन नंबर को सत्यापित ही नहीं किया गया. जबकि पुलिस को परिवहन विभाग से इंजन और चेचिस नंबर के आधार पर गाड़ी का सत्यापन करना था. लेकिन पुलिस ने उसके पंजीयन नंबर के आधार पर ही उस नंबर की गाड़ी के असली मालिक के खिलाफ राजसात की कार्रवाई शुरू कर दी. राजसात की रिपोर्ट भी गोपालगंज जिला प्रशासन को भेज दिया गया.
पुलिस रिपोर्ट के आधार पर जिला प्रशासन ने जारी किया नोटिश

अपने घर पर मौजूद बाइक को दिखाता गाड़ी का मालिक और प्रशासन की ओर जारी की गयी नोटिश।

कांड के अनुसंधानकर्ता द्वारा राजसात के लिए जो रिपोर्ट जिला प्रशासन को मुहैया करायी गयी. उसी रिपोर्ट के आधार पर जिला प्रशासन ने गाड़ी की नीलामी प्रक्रिया को लेकर गाड़ी के मालिक भोरे थाना क्षेत्र के खरपकवां गांव निवासी शुद्धि कुशवाहा के पुत्र बाबूलाल कुशवाहा के पास नोटिश भेज दी. नोटिश मिलने के बाद खुद बाबू लाल भी हैरान है, क्योंकि जिस गाड़ी के नीलामी में उसका पक्ष मांगा गया है. वो गाड़ी बीआर 28बी 0803 उसके पास ही मौजूद है. ऐसे में यह कार्रवाई सवालों के घेरे में है

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