पहले की तरह नहीं होगा लॉकडाउन

चन्दन कुमार, उपसंपादक, सुनामी टाइम्स

लॉकडाउन का तीसरा चरण पांच मई से शुरू होगा पर वह पहले दो चरणों की तरह नहीं होगा। तीसरा चरण कैसा होगा इसे लेकर अटकलें लगाई जा रही हैं। पहले दो चरण का लॉकडाउन इस चिंता में था कि लोगों की जान बचानी है और तीसरा चरण इस चिंता में होगा कि जहान बचाना है। चूंकि देश के सारे जाने माने उद्योगपति और आर्थिकी की समझ रखने वाले जानकार इस बात पर जोर दे रहे हैं कि लॉकडाउन हटा कर औद्योगिक व कारोबारी गतिविधियां शुरू कराई जाएं, इसलिए सरकार का भी फोकस उसकी तरफ हो गया है। सरकार को यह भी अंदाजा हो गया है कि इतनी जल्दी कोरोना वायरस के खत्म नहीं किया जा सकता है। यह लंबी चलने वाली बीमारी है। अगर सारा फोकस इसी पर बना रहा और इसकी वजह से आर्थिकी ठप्प रही, अस्पताल बंद रहे, स्कूल-क़ॉलेज न खुलें तो बड़ी आफत होगी। इसलिए सरकार कोरोना पर पूरी तरह से काबू पाने से पहले ही लॉकडाउन हटाएगी। गुरुवार को रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर और अर्थशास्त्री रघुराम राजन ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी से बातचीत में सुझाव दिया कि केस जीरो तक इंतजार करना ठीक नहीं है। ध्यान रहे रघुराम राजन संवेदनशील इंसान हैं और आम लोगों के नजरिए से आर्थिकी को समझने वाले हैं।
इसी तरह इंफोसिस के संस्थापक नारायण मूर्ति ने कहा है कि इस देश में हर साल नौ लाख लोग सामान्य तौर पर मरते हैं। इसकी तुलना अगर दो महीने में कोरोना वायरस से हुई एक हजार मौतों से करें तो पता चलता है कि यह कुछ भी नहीं है। वे चाहते हैं कि इसकी वजह से बने पैनिक को खत्म किया जाए और रोजमर्रा के जीवन ढर्रे पर लाया जाए। सरकार भी इस नजरिए से सोचते हुए लॉकडाउन से बाहर निकलने के उपाय कर रही है। 15 अप्रैल से शुरू करके 29 अप्रैल तक सरकार ने एक दर्जन से ज्यादा दिशा-निर्देश जारी किए हैं और लॉकडाउन की कई बंदिशें हटा दी हैं। तभी कहा जा रहा है कि तीन मई को लॉकडाउन खत्म होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शायद राष्ट्रीय स्तर पर इसे बढ़ाने की घोषणा न करें। यह काम राज्यों पर छोड़ दिया जाए और अगर राष्ट्रीय स्तर पर घोषणा हो भी तो उसे लॉकडाउन का नाम न दिया जाए। यह कहा जाए कि रेड जोन में कामकाज बंद रहेगा। ऑरेंज और ग्रीन जोन में कुछ पाबंदियों के साथ सारे कामकाज होंगे। ये पाबंदियां भी राज्यों को अपने अपने हिसाब से लगाने की छूट दी जा सकती है। स्कूल-कॉलेज, होटल, रेस्तरां, मॉल, सिनेमा हॉल आदि पर कुछ दिन और पाबंदी रह सकती है। सो, चार मई के बाद के लॉकडाउन का स्वरूप अलग होगा और यह बुनियादी रूप से रेड जोन में सिमटा होगा। दूसरी ओर केंद्र सरकार मौजूदा रफ्तार से टेस्टिंग करते हुए लंबे समय में कोरोना को काबू करने की रणनीति के हिसाब से काम करती रहेगी।

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