सुनामी एक्सप्रेस गोपालगंज
संवाददाता मनीष वर्मा की रिपोर्ट,

केंद्रीय मानव संसाधन विकास विभाग द्वारा नियोजित शिक्षकों को शिक्षक दिवस पर राष्ट्रीय पुरस्कार से बाहर करने के कारण नियोजित शिक्षकों में काफी आक्रोश है। टीईटी शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष जितेंद्र कुमार यादव, वरीय उपाध्यक्ष गुड्डू कुमार व महासचिव दिनेश कुमार ने बताया कि केंद्रीय मानव संसाधन विकास विभाग ने शिक्षक दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित करने के लिए नियोजित शिक्षकों को अयोग्य माना गया है।प्रारंभिक, माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक के नियमित शिक्षकों, सीबीएसई एवं आईसीएसई द्वारा मान्यता प्राप्त विद्यालय, सरकारी अनुदान पर संचालित विद्यालय के शिक्षकों को राष्ट्रीय एवार्ड के लिए योग्य माना गया है। नियोजित शिक्षकों पर पाबंदी लगा दी गई है। जबकि सुप्रीम कोर्ट द्वारा समान काम समान वेतन के जजमेंट के पैरा 78 में टीईटी शिक्षकों को एक्सपर्ट टीचर माना गया है। और इन्हें बेहतर वेतनमान देने का आदेश भी दिया गया है लेकिन बिहार सरकार ने टीईटी शिक्षकों के संवैधानिक अधिकारों से वंचित कर रही हैं। केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा नियोजित शिक्षकों की उपेक्षा करने से नियोजित शिक्षक काफी आक्रोशित हैं प्रदेश उपाध्यक्ष वैष्णवी मिश्रा ने बताया कि टीईटी शिक्षक शिक्षा के अधिकार अधिनियम एवं राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद के सभी मानकों को पूर्ण करते हैं। फिर भी प्रारंभिक शिक्षकों को शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में मतदाता नहीं बनाया जाता है। शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में हाईस्कूल एवं महाविद्यालय के शिक्षकों को मतदाता बनाया गया है। जो कि सरकार की उपेक्षा पूर्ण एवं अन्यायपूर्ण नीति को दर्शाता है। केंद्र एवं राज्य सरकार नियोजित शिक्षकों के साथ भेदभाव कर रही है जिससे नियोजित शिक्षकों में काफी नाराजगी है। इस मौके पर अमित कुमार, राजीव कुमार पाठक, अमलेश कुमार गुप्ता, ऋषि कुमार कुशवाहा, पुष्पा सिंह, फरजाना खातून, अमित गौतम, कमलेश यादव, अजीत दुबे, मनोज राम, राजन कुमार, बलिराम प्रसाद, रंजीत कुमार, उपेंद्र शर्मा, मनोज यादव, भारतेंदु कुमार सिंह, दिनेश महतो, राजू राय, अखिलेश कुमार, बबलू यादव, शैलेश पांडेय, सोने लाल यादव, त्रिभुवन गोड़, शमीम अख्तर, छोटे लाल कुशवाहा इत्यादि शिक्षक शामिल थे।

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