आईसीडीएस-यूनिसेफ और प्रथम बुक्स ने की पहल

छोटे बच्चों को साइको सोशल सपोर्ट देने के लिए पहल शुरू

गोपालगंज। दादी-नानी की कहानियां केवल कुछ किस्से और फंतासियां भर नहीं हैं, वो एक परंपरा हैं। एक ऐसी विरासत जो खेल-खेल में ही बच्चों में अच्छे संस्कारों और आदर्शों को प्रोजेक्ट करती है। जैसे-जैसे संयुक्त परिवार का ढांचा चरमरा रहा है, बच्चों के पास से ये सारे मौके भी छूटते जा रहे हैं। आज की पीढ़ी के बच्चों को खुद नहीं मालूम वो विरासत के किन पन्नों को खोते जा रहे है। आज के आधुनिक समाज में दादी-नानी की कहानियां और किस्से पूरी तरह से विलुप्त होते जा रहे हैं। अब न तो दादी-नानी की कहानियां रह गई हैं और न ही आज के बच्चों में कहानियां पढ़ने या सुनने की प्रवृत्ति है। ऐसे में बच्चों में बचपना कहीं खोता जा रहा है। इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए आईसीडीएस-यूनिसेफ और प्रथम बुक्स ने एक अच्छी पहल की शुरूआत की है। इसके तहत बच्चे अब एक मिस्ड कॉल पर कहानियां सुन सकते हैं।

आईसीडीएस-यूनिसेफ और प्रथम बुक्स ने की पहल:

कोरोना संकटकाल में छोटे बच्चों को साइको सोशल सपोर्ट देने के लिए यह पहल शुरू की गई है। आईसीडीएस-यूनिसेफ और प्रथम बुक्स के तहत यह प्रयास किया गया है। ’मिस्ड कॉल दो कहानी सुनो’ गतिविधि के तहत एक फोन नंबर 08033094243 उपलब्ध कराया गया है। जिससे केवल एक मिस काल देकर छात्र अपने उम्र के अनुसार कहानियों का आनंद ले सकते है। यह नम्बर पर सिर्फ मिस कॉल करना है। जैसे ही मिस्ड कॉल बंद हो जायेगा तो कॉलर को एक कॉल वापस आएगा। जिसमें कुछ निर्देशों का पालन करने कहा जाएगा, जैसे भाषा चयन जिसके लिए डायलिंग पेड से 1 नंबर दबाने पर अंग्रेजी और 2 नंबर चुनने पर हिन्दी भाषा चयनित होगी। भाषा चयन के बाद उम्र की जानकारी ली जाएगी 5 वर्ष से कम उम्र वालों की कहानी के लिए 1 और 5 वर्ष से ज्यादा उम्र के लिए 2 दबाने पर कहानी का प्रसारण चालू हो जाएगा।

बॉलिवुड की सेलिब्रिटीज की आवाज में भी सुन सकेंगे कहानी:

कहानी दादी-नानी की आवाज के साथ ही बॉलिवुड की सेलिब्रिटीज की आवाज में भी हैं। इसका मुख्य उद्देश्य है कि बच्चों में पढ़ने और सुनने की संस्कृति को विकसित करना। कोरोना संकट में स्कूल बंद है ऐसी स्थिति में छोटे बच्चों के मन में कई तरह के सवाल आते हैं। इन कहानियों के जरिए हम साइको सोशल सपोर्ट देने की कोशिश कर रहे हैं।

कैसे सुन सकते हैं कहानी:

अपने मोबाइल या फिर टेलीफ़ोन के द्वारा 8033094244 पर आप मिस्ड कॉल देंगे। मिस्ड कॉल देने के तुरंत बाद वहां से वापस फ़ोन आता है और आपको कहानी सुनाता है। एक व्यक्ति केवल एक कॉल पर दो कहानियां ही सुन सकता है। कहानियों को आप खुद से चुन नहीं सकते हैं जो भी कहानी वहां से सुनाई जाएंगी वही आपको सुननी होंगी। मिस्ड कॉल के द्वारा आप कहानियां हिंदी की और अंग्रेजी में सुन सकते हैं।

आंगनबाड़ी सेविका करेंगी जागरूक:

इस कार्यक्रम के बारे में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा बच्चों व परिजनों को जानकारी दी जायेगी। इसको लेकर सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को आवश्यक निर्देश दिया गया है। ताकि अधिक-अधिक बच्चे इस कार्यक्रम का लाभ उठा सकें।

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