परवेज़आलम, नेशन न्यूज़ 18,गढ़वा झारखंड

आज के वेबीनार का आयोजन जिला शिक्षा पदाधिकारी की उपस्थिति में साथ- इ प्रोजेक्ट के प्रोग्राम लिडर श्री आर्यण गर्ग के द्वारा किया गया । श्री गर्ग के द्वारा बताया गया कि गूगल इंडिया , परिमाल फाउंडेशन और कैवल्य एजुकेशन फाउंडेशन के सहयोग से भारत के 7 राज्यो में शिक्षकों को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म ओर सेल्फ अवेयरनेस पे मास्टर ट्रेनर के जरिये करेगा दक्ष। आज के ज़ूम मीटिंग में जिला के 19 प्रखंड के शिक्षक सामिल हुए। इस बेबिनार में मुख्य रुप से दीक्षा एप एवं प्रज्ञाता के बारे में चर्चा की गई । दीक्षा पोर्टल क्या है इसे कैसे साइन अप किया जाए इसके बारे में पीपीटी के माध्यम से पाण्डेय सूर्यकान्त शर्मा ने प्रस्तुत किया तथा प्रज्ञाता के संबंध मे विस्तृत जानकारी दिशा उपाध्याय ने दी। श्री शर्मा ने कहा की दीक्षा पोर्टल केंद्र सरकार की एक पहल है यह हमारे टीचर के लिए है शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार हेतु प्रौद्योगिकी के प्रयोग अथवा उपयोग से संबंधित यह पोर्टल है इस पोर्टल पर जाने के लिए सीधे गूगल लिंक के माध्यम से या फिर प्ले स्टोर से डाउनलोड कर सकते हैं । यह पोर्टल हमारे शिक्षकों को समर्पित है यह शिक्षकों के लिए नेशनल डिजिटल प्लेटफॉर्म है जिस पर बहुत सारे कंटेंट अपलोड है शिक्षक अपना कौशल कैसे बढ़ाएंगे यह सारी बातें इस पोर्टल पर उपलब्ध है इसके तहत शिक्षक स्वयं अपने कार्यों से जुड़ी विभिन्न प्रकार की दक्षता हासिल कर सकता है। इस पोर्टल के बहुत सारे लाभ हैं। अध्यापकों को शिक्षण कौशल विकसित करने में यह सहायक है शिक्षक स्वयं की प्रोफाइल तैयार कर सकेगा। दिक्षा ऐप के माध्यम से शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा साथ ही निजी संस्थाओं और एन जी ओ को भी भाग लेने की अनुमति दी गई है वही दिशा उपाध्याय ने बताया की प्रज्ञाता के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने कहा वैश्विक महामारी करोना के कारण 16 मार्च से ही सरकारी विद्यालय बंद है जिससे 24 करोड़ से भी अधिक बच्चों के पढ़ाई पर असर पड़ा है। केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय के द्वारा प्रज्ञाता नाम से ऑनलाइन क्लास के लिए नई दिशा निर्देश जारी किए गए हैं सबसे पहले इस नई दिशा-निर्देश में अभिभावकों की चिंताओं को दूर करने के लिए सरकार ने कई दिशा निर्देश जारी किए हैं। इसमें विद्यार्थियों के लिए एक दिन में ऑनलाइन पढ़ाई के सेशन एवं समय की संख्या तय की गई है इसमें कहा गया है कि प्री प्राइमरी के बच्चों के लिए आधा घंटा से ज्यादा की पढ़ाई नहीं होनी चाहिए कक्षा 1 से 8 तक के बच्चों के लिए 30 से 45 मिनट के 2 सेशन होने चाहिए 9 से 12 तक के बच्चों के लिए 30 से 45 मिनट के 4 सेशन चलाने की सिफारिश की गई है इसमें कहा गया है कि ऑनलाइन पढ़ाई की कम से कम एक शिफ्ट प्रतिदिन चलाना अनिवार्य है तीसरी महत्वपूर्ण बात है कि प्रवासी मजदूरों के बच्चों को अपने गांव में ही एडमिशन देने की दिशा निर्देश जारी किए गए हैं। इन बच्चों का एडमिशन बिना कागजात के ही करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रज्ञाता के दिशा-निर्देश में ऑनलाइन डिजिटल शिक्षा के जो आठ चरण हैं वह है प्लान ,रिव्यू, अरेंज, गाइड, टॉक असाइन , ट्रैक,एप्रिसियेट। ए जो आठ चरण है इन उदाहरणों के साथ चरणबद्ध तरीके से डिजिटल शिक्षा की योजना के क्रियान्वयन का मार्गदर्शन करते हुए आगे बढ़ना है इस पहल में स्वयंप्रभा ,दीक्षा, स्वयं मुक्त ,रेडियो वाहिनी, शिक्षा वाणी जैसे प्लेटफार्म को भी शामिल किया गया है। प्रज्ञाता दिशा-निर्देश स्कूल प्रशासकों, स्कूल प्रमुखों ,शिक्षकों अभिभावकों एवं छात्रों को सुझाव भी प्रदान करते हैं । इस दिशा-निर्देश के अंतर्गत डिजिटल शिक्षा के दौरान शारीरिक मानसिक स्वच्छता के पहलू भी हैं साथ ही साथ इसके अंतर्गत साइबर सुरक्षा के लिए सावधानियां एवं उपाय के नैतिक तरीके भी जानना है।

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