पटना। अपने सख्त रवैए और सूबे में सुशासन बाबू के नाम से सीएम नीतीश कुमार जाने जाते हैं।इसमें कोई दो मत नहीं है। विपक्षी भी इन पर पलटवार करता है तो सुशासन बाबू के नाम से ही करता है। वहीं बिहार में बिगड़ती कानून व्यवस्था थे नाराज सीएम नीतीश कुमार आज दोपहर बिहार पुलिस मुख्यालय पहुंचे।हालांकि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सरकार बनने के बाद चौथी बार पुलिस महकमे के साथ समीक्षा बैठक की

वही अचानक सीएम के पुलिस मुख्यालय पहुंचने के कई मायने भी लगाए जा रहे हैं,

कानून व्यवस्था को लेकर विपक्ष नीतीश सरकार के खिलाफ लगातार हमला करते आ रही है। कांग्रेस ने पिछले दिनों कहा था कि “नीतीश कुमार के राज में अपराध में बेतहाशा वृद्धि हुई है।” अपराधियों का मनोबल सातवें आसमान पर है। वहीं, राजद नेता शिवानंद तिवारी ने कहा था कि “नीतीश कुमार ने पुलिस को भ्रष्टाचारी बना दिया है।” पुलिस अब अपराध नियंत्रण छोड़ शराब पकड़ने में व्यस्त है। बेरोजगारी के कारण अपराध को लेकर लोगों में आकर्षण बढ़ा है। अपराधी तो अब विधायक भी बन जा रहें और खुद मुख्यमंत्री उनका खड़े होकर स्वागत करते हैं। ऐसे में अपराध कहां से कंट्रोल होगा।

मुख्यालय ने 2020 क्राइम रिकॉर्ड का आंकड़ा किया था जारी,

दिसंबर के पहले सप्ताह में पुलिस मुख्यालय ने 2020 का क्राइम रिकॉर्ड आंकड़ा जारी किया था। इस आंकड़े में जनवरी से सितंबर तक का औसतन एक साथ और अलग से अक्टूबर 2020 के अपराध के मामले जारी किए गए थे।जारी आंकड़े के अनुसार, इस साल पिछले नौ महीने यानी जनवरी से सितंबर के मुकाबले अक्टूबर में संज्ञेय अपराध में 3.12 प्रतिशत का इजाफा हुआ है. जनवरी से सितंबर तक कुल संज्ञेय अपराध 21419 हुए जबकि अक्टूबर 2020 में 22068 केस दर्ज है।संगीन अपराधों में हत्या, डकैती, लूट, दंगा, रेप, रोड डकैती और लूट में तो कमी आई थी लेकिन जनवरी से सितंबर के मुकाबले अपहरण और फिरौती के लिए अपहरण की घटनाओं में बढ़ोत्तरी हुई है।

इन बिंदुओं पर हुई चर्चा

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा है कि निश्चित रूप से बिहार में कानून व्यवस्था जल्द और बेहतर होगी। राज्य में कानून व्यवस्था और अपराध नियंत्रण पर पूरी मुस्तैदी से काम किया जा रहा है। एक-एक बिंदु पर डिटेल सर्वेक्षण हमलोग कर रहे हैं। विधि-व्यवस्था पर हम पूरी बात कर चुके हैं। पर, उसे वहीं तक छोड़ कर नहीं जाएंगे। हर चीज को हम देख रहे हैं। मुख्यमंत्री ने सरदार पटेल भवन स्थित पुलिस मुख्यालय तथा आपदा प्रबंधन कार्यालय भवन का भी निरीक्षण किया। पुलिस पदाधिकारियों के साथ बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने पत्रकारों से कहा कि सरदार पटेल भवन का निर्माण कराया गया है, जिसमें पुलिस मुख्यालय और आपदा प्रबंधन का काम होता है। पहले भी यहां हम कुछ कार्यक्रम के सिलसिले में आए हैं। यहां हर रोज आना संभव नहीं है, हम कोशिश करेंगे कि यहां आते रहें। आज आकर कई विषयों पर हमने चर्चा की है, पुलिस अधिकारियों द्वारा प्रस्तुतीकरण किया गया।बैठक के दौरान पुलिस महानिदेशक, प्रशिक्षण आलोक राज ने बताया कि भूमि सुधार एवं भूमि विवादों से संबंधित विवादों के निपटारे के लिए पुलिस पदाधिकारियों को जनवरी में अनुग्रह नारायण सिंह समाज अध्ययन संस्थान, पटना में प्रशिक्षण दिया जाएगा।एडीजी सह निदेशक बिहार पुलिस अकादमी, राजगीर भृगु श्रीनिवासन ने प्रस्तुतीकरण में बताया गया कि बिहार पुलिस अकादमी, राजगीर में 150 पुलिस उपाधीक्षक, 2000 पुलिस अवर निरीक्षक, 300 उत्पाद निरीक्षक ने प्रशिक्षण प्राप्त किया है। मई, 2020 से अब तक 24 पुलिस उपाधीक्षक एवं 1600 पुलिस अवर निरीक्षकों को ऑनलाइन ट्रेनिंग दी जा रही है। बैठक में अपर मुख्य सचिव गृह आमिर सुबहानी, डीजीपी एसके सिंघल, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव चंचल कुमार, एडीजी, एससीआरबी एंड मॉर्डनाइजेशन एनके आजाद, मुख्यमंत्री के सचिव मनीष कुमार वर्मा, अनुपम कुमार, मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी गोपाल सिंह सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।

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