मृत कृषि पदाधिकारी के परिजनो ने पटना पुलिस की कार्यशैली पर उठाया सवाल,बेटी ने कहा
पुलिस पैसे से मुंह बंद कर लेती है, FIR बेकार है यहाँ,

फुलवारी शरीफ । 6 दिनों से लापता मसौढ़ी के प्रखंड कृषि पदाधिकारी अजय कुमार का शव बरामद किया गया है।अपहृत कृषि पदाधिकारी अजय कुमार के शव को पटना पुलिस ने गौरीचक थाना क्षेत्र के साहेबनगर से जमीन में गड़ी हुई अवस्था में बरामद किया है।मसौढ़ी के प्रखंड कृषि पदाधिकारी अजय कुमार दिन पूर्व से गायब थे।परिजनों ने अपहरण की आशंका जताई थी।आज पुलिस ने उनके शव को बरामद किया। अपहृत कृषि पदाधिकारी अजय कुमार के शव मिलने की खबर से सनसनी फैल गई है।पटना पुलिस के वरीय अधिकारी मामले को खुद देख रहे हैं।इसके पूर्व बताते चले कि पटना के कंकड़बाग में रहने वाले मसौढ़ी के प्रखंड कृषि पदाधिकारी अजय कुमार गत सोमवार को पटना से अपने कार्यालय जाने के लिए घर से निकले थे।लेकिन न तो कार्यालय पहुंचे न हीं शाम तक लौट कर घर आए।सोमवार शाम से मंगलवार सुबह तक उनके परिजन मोबाइल में कॉल करते रहे।लेकिन उधर से कोई जवाब नहीं आया। उसके बाद मंगलवार की सुबह 9:00 बजे के बाद उनका मोबाइल ऑफ भी हो गया।उनका अंतिम लोकेशन सरवां के पास पाया गया।परिवार ने कंकड़बाग थाना में इस संबंध में मामला दर्ज कराया। उनके परिजन पहले से ही किसी अनहोनी की आशंका से डरे हुए थे। उनके शव बरामद हो जाने के बाद उनके परिजन काफी गंभीर सदमे में है। परिजनों में मातम छाया हुआ है। पुलिस को लेकर परिजनों में आक्रोश का आलम है।
जानकारी के अनुसार, अजय कुमार मूलरूप से लखीसराय के बड़हिया के रहने वाले थे. वे मसौढ़ी में प्रखंड कृष पदाधिकारी के पद पर पोस्टेड थे. वे परिवार के साथ कंकड़बाग के बुद्ध नगर रोड नंबर दो दक्षिणी चांदमारी में रहते थे. पिछले दिनों अजय कुमार कोरोना पॉजिटिव हो गए थे. इसके बाद से वह घर पर ही रह रहे थे. कुछ दिन पहले ही उनकी जांच रिपोर्ट निगेटिव आई थी. इसके बाद वे 18 जनवरी सोमवार को ऑफिस के लिए सुबह करीब सात बजे घर से मसौढ़ी के लिए निकले, लेकिन शाम को घर नहीं लौटे. जानकारी ली गई तो पता चला कि वे ऑफिस भी नहीं पहुंचे थे. इसके बाद कंकड़बाग थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी.

पुलिस सूत्रों के अनुसार, इस मामले में गिरफ्तार किए गए लोगों से बीती रात जानकारी मिली थी कि लापता अजय कुमार की हत्या कर दी गई है तथा नदी के किनारे शव को गाड़ दिया गया है. रविवार को सुबह से ही पुलिस मसौढ़ी में दरधा नदी ​के किनारे शव को ढूंढ रही थी. लेकिन पता नहीं चला. बाद में जानकारी मिली कि गौरीचक में नदी के किनारे से शव बरामद हुआ है. सूचना पाकर कंकड़बाग थाने की पुलिस भी मौके पर पहुंच गई है.

परिजनों ने लगाया पुलिस पर लापरवाही का आरोप

फुलवारी शरीफ । एक सप्ताह से लापता मसौढ़ी प्रखंड कृषि पदाधिकारी का शव पटना के गौरीचक थाना क्षेत्र से मिलने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। उसके बाद पूरे मामले की जानकारी पटना पुलिस को दी गई। पटना पुलिस मौके पर परिजनों को लेकर पहुंची और शव को वहां से बरामद कर लिया गया। मृत बीएओ पटना के कंकड़बाग थाने के चांदमारी रोड नं दो बुद्धनगर मोहल्ला के निवासी थे। बीते 18 जनवरी को घर से मसौढ़ी आने के बाद कार सवार अपराधियों ने उनका अपहरण कर लिया था। परजिनों ने पटना के कंकड़बाग थाने में मामला दर्ज कराया था। अब परजिनों नें मामले में पटना पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि जिस व्यक्ति पर अपहरण का संदेह जताया गया था, अगर उससे कड़ाई से पूछताछ होती तो परिणाम कुछ और होता।

पुत्री ने उठाया पुलिस की कार्यशैली पर सवाल,

वही मृत कृषि पदाधिकारी की पुत्री स्नेह लता ने पटना पुलिस की कार्यशैली पर सीधे सवाल उठाए हैं। उन्होंने सुनामी एक्सप्रेस पटना संवाददाता विजय शुक्ला से बात करते हुए बताया कि मैंने अपने पिता के अपहरण की सूचना जिले के संबंधित पदाधिकारियों के साथ साथ बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव सहित कई पदाधिकारियों को ट्वीट के जरिए दी थी लेकिन मेरी फरियाद किसी ने नहीं सुनी। और मेरे पिता की हत्या कर दी गई, 3 दिन पूर्व की स्नेह लता ने ट्वीट के जरिए पटना एसपी को अपने पिता के अपहरण को लेकर कराया था अवगत उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा था कि
हमें गोलू पर पूरा शक है। हमारे पास कुछ सबूत हैं, लेकिन पुलिस उसपर कोई और जांच नहीं कर रही है। हम कई बार पुलिस अधिकारियों, DSP और SP के पास गए, लेकिन कोई भी उसपर कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। वे हमारी बात नहीं सुन रहे हैं। मुझे लगता है कि इन दिनों FIR या पुलिस अधिकारियों का कोई उपयोग नहीं है। बस, कुछ पैसे के लिए उनका मुंह बंद है। कुछ बेशर्म लोग हैं, जो परिवार के बारे में नहीं सोचते हैं। यह किसी के साथ भी हो सकता है। 4 दिन हो गए हैं और न ही पुलिस ने मेरे पिता के मोबाइल फोन को खंगालने की कोशिश की है, न ही कोई सुराग ढूंढ सकी है।हमें न्याय चाहिए! बिहार पुलिस पर शर्म करो!

विजय शुकुळा।

 

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