Breaking
राजधानी में बड़ी लूट की वारदात से हडकंप, कारोबारी से मारपीट कर 50 लाख की लूट मूर्तियां और कलश से लेकर शिवलिंग तक...तीन दिन का सर्वे पूरा वजुखाने में 12 फीट 8 इंच का शिवलिंग! भाजपा में चला मंथन का दौर, अलग निगम का अलग घोषणापत्र होगा जारी भारत माता की तस्वीर को जमीन पर रखकर अपमानित करने पर भड़के NSUI कार्यकर्ता, पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन... सुप्रीम कोर्ट में शिवराज सरकार प्रस्तुत कर चुकी है, पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग की वार्डवार रिपोर्ट, मंगल... EPF अकाउंट से Withdrawal पर हो सकता है 15 लाख रुपए से ज्यादा का नुकसान, रिटायरमेंट पर लगेगा झटका! हार्ट अटैक, पर्वतीय बीमारी से अब तक 39 तीर्थयात्रियों की मौत MP में अब नीलगाय का शिकार: पुलिस ने 2 शिकारियों को किया गिरफ्तार, बाकी आरोपियों की तलाश जारी इमरान खान को गिरफ्तार किया तो पाकिस्तान में होंगे श्रीलंका जैसे हालात रेलवे ने अचानक इन 20 ट्रेनों को क‍िया रद्द, ऐसे यात्र‍ियों को होगी मुश्‍क‍िल

निधन के छह माह बाद कांग्रेस सांसद राजीव सातव के पक्ष में राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द ने दिया निर्णय, जानें क्‍या है मामला

Whats App

नई दिल्ली। दिवंगत कांग्रेस नेता और राज्यसभा सदस्य राजीव सातव को उनके निधन के छह महीने बाद राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द ने उनके पक्ष में निर्णय दिया है। सातव को राज्यसभा की सदस्यता से अयोग्य घोषित करने से इन्कार करते हुए राष्ट्रपति की ओर से कहा गया कि उनके द्वारा आजीविका के लिए एक सरकारी कंपनी के साथ अनुबंध हासिल करना पद का दुरुपयोग नहीं है। राष्ट्रपति ने कहा कि सातव ने लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 9ए के साथ पठित संविधान के अनुच्छेद 102(1)(ई) के तहत संसद सदस्य के लिए अयोग्य नहीं हैं।

राष्ट्रपति कोविन्द ने अयोग्य घोषित करने वाली मांग नहीं मानी

राष्ट्रपति ने इस अधिसूचना पर छह जनवरी को हस्ताक्षर किए थे। इसे शुक्रवार को प्रकाशित किया गया। उल्लेखनीय है सातव का कोरोना संबंधी समस्याओं से 16 मई, 2021 को निधन हो गया था। उस दौरान यह याचिका लंबित थी। यह मामला सितंबर 2020 का है, जब पवन जगदीश बोरा और दत्तात्रेय पांडुरंग अनंतवर ने संयुक्त रूप से एक सरकारी कंपनी के साथ अनुबंध रखने के आधार पर सातव को अयोग्य घोषित किए जाने की मांग करते हुए राष्ट्रपति के समक्ष याचिका दायर की।

Whats App

सांसद बनने से पूर्व उन्होंने सरकारी कंपनी से किया था अनुबंध

उल्लेखनीय है कि सातव के पास इंडियन आयल कार्पोरेशन की डिस्ट्रीब्यूटरशिप थी। संयोग से याचिका में बोरा और अनंतवर कौन हैं, वे क्या करते हैं और कहां से ताल्लुक रखते हैं, के बारे में कोई उल्लेख नहीं किया गया। राष्ट्रति ने प्रासंगिक प्रविधान के तहत अक्टूबर 2020 में चुनाव आयोग से उसकी राय ली। चुनाव आयोग ने फरवरी 2021 में सातव को पत्र भेजकर जवाब मांगा। सातव ने मार्च 2021 में अपने जवाब में स्पष्ट किया कि उक्त अनुबंध का विवरण उनके नामांकन पत्र दाखिल करते समय घोषित किया गया था। वर्तमान मामला, चुनाव पूर्व अयोग्यता से संबंधित था, जो कि संविधान के अनुच्छेद 102 और 103 के दायरे के बाहर है।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.

राजधानी में बड़ी लूट की वारदात से हडकंप, कारोबारी से मारपीट कर 50 लाख की लूट     |     मूर्तियां और कलश से लेकर शिवलिंग तक…तीन दिन का सर्वे पूरा वजुखाने में 12 फीट 8 इंच का शिवलिंग!     |     भाजपा में चला मंथन का दौर, अलग निगम का अलग घोषणापत्र होगा जारी     |     भारत माता की तस्वीर को जमीन पर रखकर अपमानित करने पर भड़के NSUI कार्यकर्ता, पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह का फूंका पुतला     |     सुप्रीम कोर्ट में शिवराज सरकार प्रस्तुत कर चुकी है, पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग की वार्डवार रिपोर्ट, मंगलवार को होगा तय     |     EPF अकाउंट से Withdrawal पर हो सकता है 15 लाख रुपए से ज्यादा का नुकसान, रिटायरमेंट पर लगेगा झटका!     |     हार्ट अटैक, पर्वतीय बीमारी से अब तक 39 तीर्थयात्रियों की मौत     |     MP में अब नीलगाय का शिकार: पुलिस ने 2 शिकारियों को किया गिरफ्तार, बाकी आरोपियों की तलाश जारी     |     इमरान खान को गिरफ्तार किया तो पाकिस्तान में होंगे श्रीलंका जैसे हालात     |     रेलवे ने अचानक इन 20 ट्रेनों को क‍िया रद्द, ऐसे यात्र‍ियों को होगी मुश्‍क‍िल     |    

पत्रकार बंधु भारत के किसी भी क्षेत्र से जुड़ने के लिए इस नम्बर पर सम्पर्क करें- 9431277374