Breaking
यूपी सरकार का बड़ा फैसला! घर के एक सदस्य को देगी रोजगार, जान लीजिए प्लान दबंगों ने बाइक का एक्सीलेटर तेज करने पर युवक की पिटाई IPL खत्म होते ही एक टीम में खेलते नजर आएंगे कीरोन पोलार्ड और सुनील नरेन आजम खान के योगी आदित्यनाथ सरकार के पहले बजट सत्र में शामिल होने की संभावना बेहद कम गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के अनुरोध पर दमनगंगा-पार-तापी-नर्मदा लिंक परियोजना रद्द जर्मनी की सरकार ने कंपनियों और व्यक्तिगत करदाताओं के लिए कई छूटों की घोषणा की स्याहड़वा में मिट्टी गिरने से 40 फुट गहरे कुएं में दबे 2 लोग कपिल देव और अरविंद केजरीवाल की फोटो वायरल जैसे ही दुल्हन को पता चला कि दूल्हा गंजा है, उसने शादी समारोह में जाने से इनकार कर दिया सड़क दुर्घटना में आठ लोगों की मौत, पीएम मोदी ने जताया शोक

नेताजी की होलोग्राम प्रतिमा का अनावरण, पीएम बोले- महान हस्तियों का इतिहास सीमित करने की गलतियां सुधार रहा देश

Whats App

नई दिल्लीः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत मां के वीर सपूत, नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 125वीं जन्मजयंती पर पूरे देश की तरफ से कोटि-कोटि नमन करते हुए कहा कि हमें नेताजी के ‘कर सकते हैं, करेंगे’ भावना से प्रेरणा लेते हुए आगे बढ़ना है। मोदी ने रविवार को यहां इंडिया गेट के पास नेताजी सुभाष चंद्र बोस की होलोग्राम प्रतिमा के अनावरण के अवसर पर यह बात कही। उन्होंने कहा,‘‘ नेताजी सुभाष कुछ ठान लेते थे तो फिर उन्हें कोई ताकत रोक नहीं पाती थी। हमें नेताजी सुभाष की ‘कैन डू, विल डू’ स्पिरिट से प्रेरणा लेते हुए आगे बढ़ना है।”

मोदी ने कहा, ‘‘ जिन्होंने भारत की धरती पर पहली आज़ाद सरकार को स्थापित किया था, हमारे उन नेताजी की भव्य प्रतिमा आज डिजिटल स्वरूप में इंडिया गेट के समीप स्थापित हो रही है, जल्द ही इस होलोग्राम प्रतिमा के स्थान पर ग्रेनाइट की विशाल प्रतिमा भी लगेगी।” उन्होंने कहा,‘‘नेताजी कहते थे ‘कभी भी स्वतंत्र भारत के सपने का विश्वास मत खोना, दुनिया की कोई ताकत नहीं है जो भारत को झकझोर सके।’ आज हमारे सामने आज़ाद भारत के सपनों को पूरा करने का लक्ष्य है। हमारे सामने आज़ादी के सौंवे साल से पहले नए भारत के निर्माण का लक्ष्य है।”

प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘ये मेरा सौभाग्य है कि पिछले वर्ष, आज के ही दिन मुझे कोलकाता में नेताजी के पैतृक आवास भी जाने का अवसर मिला था। जिस कार से वो कोलकाता से निकले थे, जिस कमरे में बैठकर वो पढ़ते थे, उनके घर की सीढि़यां, उनके घर की दीवारें, उनके दर्शन करना, वो अनुभव, शब्दों से परे है।” उन्होंने कहा, ‘‘ मैं 21 अक्टूबर 2018 का वो दिन भी नहीं भूल सकता जब आजाद हिंद सरकार के 75 वर्ष हुए थे। लाल किले में हुए विशेष समारोह में मैंने आजाद हिंद फौज की कैप पहनकर तिरंगा फहराया था। वो पल अछ्वुत है, अविस्मरणीय है।”

Whats App

पीएम मोदी ने कहा कि हमारे देश में वर्षों तक आपदा का विषय कृषि मंत्रालय के पास रहा था। इसका मूल कारण ये था कि बाढ़, अतिवृष्टि, ओले गिरना, इनसे बनी स्थितियों से निपटने का जिम्मा कृषि मंत्रालय के पास था। देश में आपदा प्रबंधन ऐसे ही चल रहा था। लेकिन 2001 में गुजरात में भूकंप आने के बाद जो कुछ हुआ, उसने आपदा प्रबंधन के मायने बदल दिए। हमने तमाम विभागों और मंत्रालयों को राहत और बचाव के काम में झोंक दिया। उस समय के जो अनुभव थे, उनसे सीखते हुए ही वर्ष 2003 में गुजरात राज्य आपदा प्रबंधन कानून बनाया गया।

मोदी ने कहा कि आपदा से निपटने के लिए गुजरात इस तरह का कानून बनाने वाला देश का पहला राज्य बना। बाद में केंद्र सरकार ने, गुजरात के कानून से सबक लेते हुए, 2005 में पूरे देश के लिए ऐसा ही आपदा प्रबंधन कानून बनाया। उन्होंने कहा,‘‘ हमने राहत, बचाव और पुनर्वास पर जोर देने के साथ ही सुधार पर भी बल दिया है। हमने राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) को मजबूत किया, उसका आधुनिकीकरण किया, देश भर में उसका विस्तार किया। स्पेस टेक्नालजी से लेकर प्लानिंग और मैनेजमेंट तक, सबसे बेहतर प्रक्रियाओं को अपनाया गया।”

प्रधानमंत्री ने कहा कि एनडीएमए की ‘आपदा मित्र’ जैसी स्कीम्स से युवा आगे आ रहे हैं। कहीं कोई आपदा आती है तो लोग विक्टिम्स नहीं रहते, वो वॉलंटियर्स बनकर आपदा का मुकाबला करते हैं। यानी, आपदा प्रबंधन अब एक सरकारी काम भर नहीं है, बल्कि ये ‘सबका प्रयास’ का एक मॉडल बन गया है। उन्होंने कहा कि दुनिया के अलग-अलग देशों के बीच में, सेनाओं के बीच में हमने संयुक्त सैन्य अभ्यास बहुत देखी है। लेकिन भारत ने पहली बार डिजास्टर मैनेजमेंट के लिए संयुक्त ड्रिल की परंपरा शुरू की है।

मोदी ने कहा कि आज़ादी के अमृत महोत्सव का संकल्प है कि भारत अपनी पहचान और प्रेरणाओं को पुनर्जीवित करेगा। ये दुर्भाग्य रहा कि आजादी के बाद देश की संस्कृति और संस्कारों के साथ ही अनेक महान व्यक्तित्वों के योगदान को मिटाने का काम किया गया। उन्होंने कहा कि स्वाधीनता संग्राम में लाखों-लाख देशवासियों की तपस्या शामिल थी लेकिन उनके इतिहास को भी सीमित करने की कोशिशें हुईं। लेकिन आज आजादी के दशकों बाद देश उन गलतियों को डंके की चोट पर सुधार रहा है, ठीक कर रहा है।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.

यूपी सरकार का बड़ा फैसला! घर के एक सदस्य को देगी रोजगार, जान लीजिए प्लान     |     दबंगों ने बाइक का एक्सीलेटर तेज करने पर युवक की पिटाई     |     IPL खत्म होते ही एक टीम में खेलते नजर आएंगे कीरोन पोलार्ड और सुनील नरेन     |     आजम खान के योगी आदित्यनाथ सरकार के पहले बजट सत्र में शामिल होने की संभावना बेहद कम     |     गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के अनुरोध पर दमनगंगा-पार-तापी-नर्मदा लिंक परियोजना रद्द     |     जर्मनी की सरकार ने कंपनियों और व्यक्तिगत करदाताओं के लिए कई छूटों की घोषणा की     |     स्याहड़वा में मिट्टी गिरने से 40 फुट गहरे कुएं में दबे 2 लोग     |     कपिल देव और अरविंद केजरीवाल की फोटो वायरल     |     जैसे ही दुल्हन को पता चला कि दूल्हा गंजा है, उसने शादी समारोह में जाने से इनकार कर दिया     |     सड़क दुर्घटना में आठ लोगों की मौत, पीएम मोदी ने जताया शोक     |    

पत्रकार बंधु भारत के किसी भी क्षेत्र से जुड़ने के लिए इस नम्बर पर सम्पर्क करें- 9431277374