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महाराष्ट्र: शिवसेना, कांग्रेस-राकांपा सरकार की जुगत में

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मुंबई: महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लागू किए जाने के एक दिन बाद बुधवार को शिवसेना, कांग्रेस और राकांपा नेताओं ने सरकार गठन के लिए न्यूनतम साझा कार्यक्रम (सीएमपी) तैयार करने के लिए गहन चर्चा की। शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने सुबह करीब एक घंटे तक महाराष्ट्र कांग्रेस के नेताओं से मुलाकात की। बैठक के बाद उन्होंने कहा कि सरकार गठन के लिए बातचीत ‘सही दिशा’ में आगे बढ़ रही है। महाराष्ट्र कांग्रेस प्रमुख बालासाहेब थोराट ने ठाकरे के साथ बैठक को ‘शिष्टाचार भेंट’ बताया और कहा कि वे मिल रहे हैं, यह अपने आप में ‘सकारात्मक’ कदम है।

ठाकरे ने एक उपनगरीय होटल में थोराट, राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चह्वाण और एक अन्य वरिष्ठ कांग्रेस नेता माणिकराव ठाकरे से मुलाकात की। इस बीच शरद पवार नीत राकांपा ने सरकार गठन के लिए शिवसेना के साथ संभावित गठबंधन से पहले साझा न्यूनतम कार्यक्रम तैयार करने के लिए कांग्रेस के साथ बनाई जाने वाली संयुक्त समिति की खातिर अपने पांच सदस्यों को नामित किया। राकांपा की ओर से विधायक दल के नेता अजीत पवार, जयंत पाटिल, छगन भुजबल, नवाब मलिक और धनंजय मुंडे समिति का हिस्सा होंगे। प्रदेश राकांपा प्रमुख पाटिल ने शरद पवार से मुलाकात करने के बाद संवाददाताओं से कहा कि सत्ता में हिस्सेदारी के फार्मूले पर अभी चर्चा नहीं की जा रही है। उन्होंने कहा, हमने शिवसेना के सामने कोई शर्त नहीं रखी है। फिलहाल, हम सरकार के एजेंडे पर काम कर रहे हैं। अरविंद सावंत ने नरेंद्र मोदी सरकार से इस्तीफा दे दिया है और हम मानते हैं कि शिवसेना इस कदम से आधिकारिक रूप से भाजपा नीत राजग से बाहर हो गई है।’

इस बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पृथ्वीराज चव्हाण ने कहा कि तीनों दलों के शीर्ष नेताओं द्वारा साझा न्यूनतम कार्यक्रम को मंजूर किये जाने के बाद ही सरकार बनाने के लिये वार्ता शुरू होगी। भाजपा ने शिवसेना पर ‘ङ्क्षहदुत्व’ को लेकर तंज कसा जो विपरीत विचारधारा वाले दलों कांग्रेस और राकांपा के साथ महाराष्ट्र में सरकार बनाने की संभावनाएं तलाश रही है। वरिष्ठ भाजपा नेता और केंद्रीय मंत्री रावसाहेब दानवे ने कहा, ‘ये शिवसेना पर है कि वह कांग्रेस के साथ न्यूनतम साझा कार्यक्रम में अपने ङ्क्षहदुत्व के एजेंडे को कैसे फिट करती है।’ शिवसेना के मुखपत्र सामना में प्रकाशित एक संपादकीय में भाजपा पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया गया है कि वह महाराष्ट्र में सरकार बनाने के लिए अन्य दलों के संघर्ष से ‘परपीड़क आनंद’ उठा रही है।

एक घटनाक्रम में कांग्रेस के विधायक बुधवार को जयपुर से वापस मुंबई लौट आए। वे पांच दिनों से जयपुर में एक रिजॉर्ट में ठहरे हुए थे। सरकार गठन के लिए और समय नहीं देने के महाराष्ट्र के राज्यपाल के फैसले को चुनौती देने वाली शिवसेना ने उच्चतम न्यायालय में अपनी याचिका का बुधवार को उल्लेख नहीं किया। पार्टी के वकीलों ने पीटीआई से कहा कि राष्ट्रपति शासन लग जाने के कारण स्थिति बदल गयी है और पार्टी ने याचिका का उल्लेख नहीं करने का फैसला किया।

कांग्रेस को डिप्टी सीएम पद!
अटकलें लगाई जा रही हैं कि नई सरकार में कांग्रेस को उप मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष का पद मिल सकता है तथा मुख्यमंत्री का पद शिवसेना और राकांपा के बीच साझा हो सकता है। हालांकि, पृथ्वीचरण चव्हाण ने कहा कि सत्ता साझेदारी फार्मूले पर अभी चर्चा नहीं हो रही है। उन्होंने कहा कि राकांपा और कांग्रेस के नेता बुधवार शाम को मुलाकात करने वाले हैं। चव्हाण ने कहा कि उनकी पार्टी अन्य दलों के विधायकों को अपने (भाजपा के) पाले में करने के लिये भाजपा द्वारा संभावित ‘ऑपरेशन लोटस’ को रोकने के लिये चौकस है।

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