महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी को बुधवार को ही शक्ति परीक्षण सुनिश्चित कराने और कोई गुप्त मतदान नहीं होने देने के उच्चतम न्यायालय के फैसले के बाद सियासत गरमा गई है। जहां शिसवेना राकांपा और कांग्रेस ने इस फैसले पर खुशी जताई है तो वहीं भाजपा ने भी बहुमत साबित करने का दावा किया है।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कहा कि महाराष्ट्र विधानसभा में बुधवार को शक्ति परीक्षण कराने के उच्चतम न्यायालय के आदेश का वह सम्मान करती है और उसे पूरा भरोसा है कि वह सदन में अपना बहुमत साबित करेगी। प्रदेश भाजपा प्रमुख चंद्रकांत पाटील ने कहा कि हम शीर्ष अदालत के आदेश का सम्मान करते हैं। हम बहुमत साबित करने के लिए तैयार हैं और हम यह करके दिखाएंगे।

वहीं राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) प्रमुख शरद पवार ने कहा कि लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक सिद्धांतों को बरकरार रखने के लिए वह शीर्ष अदालत के आभारी हैं। उन्होंने कहा कि यह सुखद है कि यह फैसला उस वक्त आया जब देश ‘संविधान दिवस’ मना रहा है। साथ ही उन्होंने इस फैसले को संविधान के निर्माता डॉक्टर बी.आर आंबेडकर को श्रद्धांजलि बताया। पवार ने ट्वीट किया कि मैं लोकतांत्रिक मूल्यों एवं संवैधानिक सिद्धातों को बरकरार रखने के लिए माननीय उच्चतम न्यायालय का आभारी हूं। यह खुशी की बात है कि महाराष्ट्र पर फैसला संविधान दिवस के मौके पर आया जो भारत रत्न डॉ.बाबासाहेब आंबेडकर को एक श्रद्धांजलि है।

वहीं राकांपा के प्रवक्ता नवाब मलिक ने शीर्ष अदालत की व्यवस्था के बाद ट्वीट किया कि “सत्यमेव जयते, भाजपा का खेल खत्म। उन्होंने एक अन्य ट्वीट में लिखा कि देश का चाणक्य कौन? शरद पवार…. शरद पवार ..

शिवसेना नेता संजय राउत ने भी इस फैसले के बाद कहा कि सच को हराया नहीं जा सकता। उन्होंने ट्वीट कर लिखा कि, “सत्य परेशान हो सकता है..पराजित नहीं हो सकता है…जय हिंद। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पृथ्वीराज चव्हाण ने भी उच्चतम न्यायालय के निर्देश पर संतुष्टि जाहिर करते हुए कहा कि शिवसेना, कांग्रेस और राकांपा को सदन में बहुमत हासिल है। संविधान दिवस के दिन संविधान का सम्मान हुआ। उन्होंने कहा कि हमें भरोसा है कि महाराष्ट्र विधानसभा में हमारे पास बहुमत है। भाजपा के दावे की सचाई की कल पोल खुल जाएगी।

बता दें कि उच्चतम न्यायालय ने मंगलवार को निर्देश दिया कि महाराष्ट्र विधानसभा में अपना बहुमत साबित करने के लिए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के लिए विश्वास मत बुधवार को कराया जाए। साथ ही अदालत ने राज्यपाल कोश्यारी को बुधवार को ही सभी निर्वाचित विधायकों को शपथ ग्रहण कराने का भी निर्देश दिया। शीर्ष अदालत ने कहा कि संपूर्ण कार्यवाही का सीधा प्रसारण किया जाएगा। साथ ही कहा कि विधानसभा में कोई गुप्त मतदान नहीं होगा।