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सीओ ऋषिका सिंह ने कांवड़ियों के पैर दबाए, कहा- ड्यूटी के साथ ये मेरा फर्ज

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उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में कावड़ यात्रा के दौरान पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा कावड़ियों की सुरक्षा-व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं. वहीं अधिकारी भी कावड़ यात्रा में अपनी ड्यूटी और फर्ज बखूबी निभा रहे हैं. सुरक्षा व्यवस्था और ड्यूटी के बीच श्रद्धा की एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जो दिल को छू लेने वाली है. यह तस्वीर महिला सीओ ऋषिका सिंह की है, जो ड्यूटी के दौरान महिला शिव भक्त कांवड़ियों के पैर दबाते दिख रही हैं. उनके इस काम की लोग खूब तारीफ कर रहे हैं और कह रहे हैं कि वर्दी पहने हर अधिकारी को इतना ही सरल होना चाहिए.

कांवड़ियों की सेवा को लेकर जब टीवी9 भारतवर्ष की टीम ने सीओ ऋषिका सिंह से बात की तो उन्होंने कहा कि ये तो हम लोगों का फर्ज है. हमारे एडीजी, डीआईजी और एसएसपी सभी ने कहा कि हम लोग ड्यूटी के साथ-साथ जो महिला कांवड़िया हैं या भोले हैं, उनकी सेवा भी करें. उनकी यह यात्रा, जो उन्होंने तय की है, उसको सकुशल संपन्न कराएं. हमारा जितना भी छोटा-मोटा रोल, उसमें हम ये सब काम कर रहे हैं.

शामली-मुजफ्फरनगर बॉर्डर पर तैनात सीओ ऋषिका सिंह

सीओ ऋषिका सिंह ने बताया कि शामली-मुजफ्फरनगर बॉर्डर पर लालू खेड़ी चौकी के पास मैं रात में ड्यूटी कर रही थी. वहां थोड़ा सा फ्लो ज्यादा रहता है. जब मैंने वहां से गुजर रहे कांवड़ियों को देखा तो मन में एक सवाल आया इतना पवित्र गंगाजल लेकर जा रहे हैं, इतनी दूर से पैदल यात्रा करके आ रहे हैं, क्या ये लोग थक नहीं गए होंगे? सीओ ऋषिका सिंह ने बताया कि इसी को लेकर मैंने वहां से गुजर रहीं कुछ महिला कांवड़ियों से बात की. इस दौरान मैंने महिला कांवड़ियों को कुर्सी पर बैठाकर उनकी सेवा की. इससे उनको थोड़ा राहत भी मिली.

ये भी बता दें कि कांवड़ यात्रा को लेकर मुजफ्फरनगर पुलिस काफी अलर्ट है. कांवड़ मार्ग पर शांति, सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के लिए जिल की पुलिस फोर्स 24 घंटे तैनात है. सीओ ऋषिका सिंह ने बताया कि अब तक कोई छेड़छाड़ या असामाजिक गतिविधि की घटना सामने नहीं आई है. सोशल मीडिया पर इस संबंध में सख्त चेतावनी जारी की गई है. उनका यह प्रयास पुलिस के प्रति जनता में सकारात्मक संदेश दे रहा है.

2022 की बैच की PPS हैं ऋषिका सिंह

सीओ ऋषिका सिंह 2022 बैच की PPS अधिकारी हैं. उनकी ऑल यूपी 80वीं रैंक आई थी. ट्रेनिंग के बाद मुजफ्फरनगर जिले में उनको पहली पोस्टिंग मिली है. वह राजधानी लखनऊ की रहने वाली हैं. PCS से पहले वह तीन बार IAS का भी एग्जाम दे चुकी हैं, लेकिन इन परीक्षाओं में उन्हें सफलता नहीं मिली.

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