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बिहार चुनाव: ‘नायक’ बनाम ‘विकास पुरुष’! RJD के नए पोस्टर से तेजस्वी और नीतीश आमने-सामने, छिड़ी जुबानी जंग

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बिहार चुनाव में महागठबंधन द्वारा आरजेडी नेता तेजस्वी यादव को सीएम फेस घोषित किए जाने के बाद राष्ट्रीय जनता दल ने चुनाव प्रचार में आक्रमक रूख अपनाया है. विपक्षी पार्टी और एनडीए के जंगलराज के आरोप पर बड़ा हमला करते हुए तेजस्वी यादव को बिहार का नायक बताया गया है. तेजस्वी यादव का बिहार का नायक का पोस्टर पटना में आरजेडी कार्यालय के साथ सोशल मीडिया पर पोस्ट किया गया है. वहीं, जदयू और एनडीए सीएम नीतीश कुमार के नेतृत्व में चुनाव लड़ रहा है. जदयू की ओर से जारी पोस्टर में नीतीश कुमार को लेकर नारा दिया गया है कि 25 से 30 फिर से नीतीश कुमार, जनता का प्यार, भरोसे की सरकार.

आरजेडी और महागठबंधन, जहां तेजस्वी यादव के चेहरे को सामने रख कर चुनाव लड़ रही है, वहीं एडीए का मुख्य फोकस नीतीश कुमार और पीएम नरेंद्र मोदी हैं. महागठबंधन और एनडीए, दोनों ही गठबंधन वोटर्स को अपनी ओर आकर्षित करने और लुभाने के लिए नए-नए तरीके अपना रहे हैं और इसके लिए पोस्टर का सहारा लिया है.

आरजेडी की ओर से जारी पोस्टर ने राजनीतिक बहस छेड़ दी है. इस तरह से दोनों पार्टियों की ओर से चुनाव से पहले पोस्टर वॉर की शुरुआत हो गयी है और इस पोस्टर वॉर पर राज्य की सियासत गरमा गई है.

RJD ने तेजस्वी को बताया ‘बिहार का नायक’

आरजेडी की ओर से जारी नए पोस्टर में तेजस्वी यादव का हंसता हुआ फोटो रखा गया है और उशके साथ लिखा गया है-बिहार का नायक. राजद इस पोस्टर के जरिए तेजस्वी यादव को बिहार के नायक के रूप में पेश कर रही है. राजेडी के नेता इस पोस्टर को बिहार के युवाओं और आम जनता की भावना बता रहे हैं और तेजस्वी यादव को नई उम्मीद और परिवर्तन का प्रतीक बता रहे हैं.

तेजस्वी यादव पहले भी अपने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कह चुके हैं कि उनके पास विजन है और उन्होंने अपना विजन बताया गया है, लेकिन वर्तमान सरकार ने उनके विजन को चुराकर घोषणाएं कर रही है, वह नकलची सरकार है.

दूसरी ओर, तेजस्वी यादव का यह पोस्टर उस समय आया है, एनडीए के नेता बिहार की सरकार को डबल इंजन के विकास और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को विकास पुरुष के रूप में पेश कर रहे हैं.

आरजेडी के पोस्टर के बाद जदयू का पलटवार

राजद के पोस्टर लॉन्च होते ही जनता दल (यूनाइटेड) ने पलटवार किया और अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से सीएम नीतीश कुमार के दो पोस्टर जारी किए हैं.

इन पोस्टरों में सीएम नीतीश कुमार को जनता के सेवक एवं विकास का चेहरा बताया गया है. जेडीयू नेता का कहना है कि पार्टी नीतीश कुमार को अनुभवी और विकासमुखी नेतृत्व को पेश कर ही है और अगली सरकार नीतीश के नेतृत्व में ही पोस्टर में बनने का दावा किया गया है.

दूसरी ओर, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने तेजस्वी यादव के पोस्टर पर उन पर हमला बोला है और उन्होंने कहा, “जिसका पूरा परिवार बिहार की कहानी का खलनायक रहा हो, वह अचानक नायक कैसे बन सकता है?” उन्होंने लालू प्रसाद यादव की तुलना बॉलीवुड के खलनायक गब्बर सिंह से की.

नायक बनाम खलनायक के आरोप पर घमासान

उन्होंने कहा, “जब लालू राज में थे, तो उन्होंने जानवरों का चारा लूटा. रेल मंत्री रहते हुए उन्होंने जमीन के बदले नौकरियां बेचीं और तेजस्वी वो सिर्फ 18 महीनों में करोड़पति कैसे बन गए? बिहार की जनता जानने की हकदार है.”

दूसरी ओर, केंद्रीय मंत्री और भाजपा चुनाव प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि बिहार के एक ही जननायक हैं भारत रत्न कर्पुरी ठाकुर जी हैं. उनको कोई कॉपी करने की नाकाम कोशिश करेगा तो जनता उसको स्वीकार नहीं करेगी.

बिहार भाजपा अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने राजद के इस अभियान को सुर्खियां बटोरने के लिए रचा गया “राजनीतिक नाटक” करार दिया. बॉलीवुड के हास्य-व्यंग के साथ उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि “वह ‘नायक’ नहीं हैं; वह ‘खलनायक’ हैं. आज उन्होंने राजद से ‘जन’ हटा दिया, कल वह उसके आगे ‘खल’ जोड़ सकते हैं. विपक्ष के पास कोई वास्तविक मुद्दा नहीं है, इसलिए वे भ्रम फैला रहे हैं.”

भाजपा के सुर में सुर मिलाते हुए, राष्ट्रीय प्रवक्ता अजय आलोक ने तेजस्वी को “बिहार के हीरो” के रूप में पेश करना राज्य की विरासत का अपमान बताया. उन्होंने कहा, “बिहार जयप्रकाश नारायण की धरती है, जिन्होंने इंदिरा गांधी के खिलाफ क्रांति का नेतृत्व किया था, और कर्पूरी ठाकुर की, जिन्होंने सामाजिक न्याय के लिए लड़ाई लड़ी थी और अब हमसे एक भ्रष्ट वंश के बेटे को, जिसने नौवीं कक्षा भी पास नहीं की है, अपना हीरो कहने की उम्मीद की जा रही है? यह शर्मनाक है.”

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