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सिर्फ पुंडरीक गोस्वामी की पत्नी ही नहीं, अपनी अलग पहचान रखती हैं रेणुका! जानें कौन हैं भक्ति मार्ग पर साथ चलने वाली रेणुका गोस्वामी

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कथावाचक पुंडरीक गोस्वामी एक चर्चित हस्ती हैं. उन्हें उत्तर प्रदेश पुलिस की ओर से बहराइच में दिए गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया है, जिसके बाद बवाल खड़ा हो गया है और सोशल मीडिया पर वीडियो और तस्वीरें वायरल हुई हैं. इस मसले को लेकर यूपी पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं. दरअसल, पुंडरीक गोस्वामी के लाखों की संख्या में भक्त हैं, जो उनकी कथा को सुनते हैं. यही नहीं, उनकी पत्नी भी एक चर्चित हस्ती हैं, जिनके लाखों की संख्या में फॉलोअर हैं. ऐसे में जानते हैं कि उनकी पत्नी कौन हैं?

पुंडरीक गोस्वामी की पत्नी का नाम रेणुका गोस्वामी हैं. उनका जन्म 15 मार्च 1990 को चंडीगढ़ के पंचकूला में हुआ था. रेणुका एक पढ़ी लिखी महिला हैं, जिन्होंने ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से बिजनेस मैनेजमेंट में मास्टर डिग्री हासिल की है. इसके साथ-साथ वे हॉकी में एक राष्ट्रीय स्तर तक की खिलाड़ी रह चुकी है. रेणुका ने साल 2020 में आचार्य पुंडरी के मार्गदर्शन में निमाई पाठशाला की स्थापना की.

ये पाठशाला सूत्र, स्रोत और शास्त्र के तीन सिद्धांतों पर केंद्रित है. हालांकि ये ऑनलाइन स्कूल. रेणुका वृंदावन के श्री राधा रमन मंदिर की गोस्वामी भी हैं. उनके इंस्टाग्राम पर सात लाख 12 हजार से अधिक फॉलोअर हैं. यही वजह है कि उनके वीडियोज पर मिलियंस में व्यूज आते हैं.

रेणुका पुंडरीक ने संयुक्त राष्ट्र में दिया था प्रवचन

इस साल मार्च में रेणुका गोस्वामी ने संयुक्त राष्ट्र में एक प्रभावशाली वैदिक प्रवचन दिया था, जिसने खूब सुर्खियां बंटोरी थीं. उन्होंने वैदिक सभ्यता में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला था. संयुक्त राष्ट्र में अपनी सशक्त उपस्थिति के बाद उन्हें दक्षिण कोरिया में सनातन धर्म के शाश्वत ज्ञान के माध्यम से महिलाओं को सशक्त बनाने के अपने मिशन को आगे बढ़ाने के लिए आमंत्रित किया गया था.

संयुक्त राष्ट्र में अपने भाषण के दौरान रेणुका गोस्वामी ने आध्यात्मिक, सामाजिक और बौद्धिक क्षेत्रों में वैदिक महिलाओं की शक्ति, बुद्धिमत्ता और नेतृत्व पर जोर दिया था. उनके भाषण ने वैश्विक श्रोताओं को गहराई से प्रभावित किया और यह दर्शाया कि वैदिक सिद्धांत आज की दुनिया में विशेष रूप से महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने में, कितने प्रासंगिक और परिवर्तनकारी बने हुए हैं. निमाई पाठशाला के जरिए रेणुका पुंड्रिक गोस्वामी स्वयं कक्षाएं संचालित करती हैं, जिनमें वैदिक ग्रंथों, उनके अर्थों, नैतिक मूल्यों और व्यावहारिक प्रयोगों की गहन जानकारी दी जाती है.

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