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महंगी पड़ी 4 हजार की घूस! 10 साल बाद कोर्ट ने शिक्षक को सुनाई सजा, करियर और सम्मान दोनों गंवाए

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मध्य प्रदेश के बढ़वानी में एरियर के पैसे दिलाने के बदले रिश्वत लेना एक सीनियर टीचर को भारी पड़ गया, जहां सीनियर ने एक टीचर को एरियर राशी दिलाने के नाम पर 4 हजार की रिश्वत मांगी थी, लेकिन उसे रंग हाथों पकड़ लिया गया था. अब टीचर को कोर्ट ने सजा सुनाई और जुर्माना भी लगाया. कोर्ट ने उसे दोषी मानते हुए 4 साल की सजा सुनाई है.

यह मामला साल 2015 का है, जब लोकायुक्त पुलिस ने शिक्षक को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा थाबड़वानी की प्रथम अपर सत्र अदालत (First Additional Sessions Court) ने इस मामले में फैसला सुनाते हुए आरोपी शिक्षक पुन्टा बर्डे को 4 साल के कठोर कारावास और कुल 10 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई. पुन्टा बर्डे धवली गांव का रहने वाला है.

हर धारा में 4-4 साल की सजा

कोर्ट ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की अलग-अलग धाराओं के तहत उसे दोषी माना और हर धारा में 4-4 साल का कारावास और 5000-5000 का जुर्माना लगाया. लोकायुक्त पक्ष के सरदार सिंह अजनारे और सहायक निदेशक अभियोजन दुष्यंत सिंह रावत ने बताया कि फरियादी रमेश खोटे साल 2006 में संविदा शिक्षक के तौर पर बड़वानी के शासकीय प्राथमिक विद्यालय आश्रम फलिया खट्टी में नियुक्त हुए थे.

4 हजार की मांगी रिश्वत

इसके बाद 15 अप्रैल 2015 को उन्हें सहायक अध्यापक के पद पर शामिल किया गया, जिसके बाद जनपद पंचायत सेंधवा के जरिए उन्हें वेतन का एरियर मिलना था. एरियर से जुड़ा काम देख रहे शिक्षक पुन्टा बर्डे से संपर्क करने पर उसने करीब 40 हजार रुपये एरियर बनने की बात कही और इसके बदले 4 हजार रुपये रिश्वत की मांग की. इसके बाद फोन कर उसने रिश्वत की रकम तैयार रखने को कहा.

इस पर फरियादी ने बातचीत रिकॉर्ड कर लोकायुक्त कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई. जांच के बाद लोकायुक्त पुलिस ने नवंबर 2015 में ट्रैप कार्रवाई की और आरोपी को स्कूल परिसर के पास रिश्वत लेते हुए पकड़ लिया. मामले की जांच पूरी होने के बाद कोर्ट में चालान पेश किया गया, जहां सुनवाई के बाद आरोपी को दोषी ठहराया गया.

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