Local & National News in Hindi

महाराष्ट्र में टिकट युद्ध! उम्मीदवारी नहीं मिलने पर महिलाओं ने खोला मोर्चा, पार्टी दफ्तर के बाहर भूख हड़ताल शुरू

33

मुंबई समेत राज्य की 29 नगर निगमों के चुनाव की तैयारियां अंतिम चरण में हैं और मतदान एवं मतगणना के बाद अगले 15-16 दिनों में अंतिम परिणाम घोषित हो जाएंगे. राज्य के नगर निगमों में सत्ता के लिए होड़ मची हुई है और पूरा महाराष्ट्र इस बात पर नजर रखे हुए है कि कौन जीतेगा? मंगलवार को इन चुनावों के लिए नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि थी.

बुधवार को दस्तावेजों का सत्यापन हो रहा है. हालांकि, इस निगम चुनाव में कई उम्मीदवारों को टिकट मिले, लेकिन गठबंधन और सहभागिता में शामिल कई दलों की सीटें आपस में ही चली गईं, जिससे कई उम्मीदवारों की उम्मीदें धराशायी हो गईं.

कल टिकट न मिलने के कारण राज्य के विभिन्न हिस्सों में अफरा-तफरी और भ्रम की स्थिति बनी रही. चुनाव लड़ने की इच्छा रखने वाले कुछ उम्मीदवारों ने टिकट न मिलने के कारण सीधे दल बदल लिया. इसी वजह से कल पूरे राज्य में अफरा-तफरी का माहौल देखने को मिला.

छत्रपति संभाजीनगर में महिलाओं का विरोध प्रदर्शन

छत्रपति संभाजीनगर में भारतीय जनता पार्टी से नामांकन न मिलने के बाद दो महिला पदाधिकारियों ने भूख हड़ताल शुरू कर दी है. दिव्या मराठे और वर्षा सालुंके नाम की ये दोनों महिलाएं कल से विरोध प्रदर्शन कर रही हैं. ये दोनों पिछले पंद्रह वर्षों से भाजपा के लिए काम कर रही हैं.

हालांकि, कल तक उन्हें नामांकन पत्र नहीं दिया गया था. उनके टिकट रद्द कर दिए गए थे. इन महिलाओं की मांग है कि जिन लोगों को हमारे बदले नामांकन दिया गया है, उनकी उम्मीदवारी रद्द की जाए और इसी वजह से वे भूख हड़ताल पर हैं.

श्मशान घाट पर उम्मीदवार को एबी फॉर्म दिया गया

कल जब AB फॉर्म बांटे जा रहे थे, नागपुर में एक अलग घटना सामने आईय नागपुर के श्मशान घाट पर शिंदे सेना के उम्मीदवार को सीधे एबी फॉर्म दिए जाने की घटना चर्चा का विषय बन गई है. योगेश गोन्नाडे को नागपुर नगर निगम के वार्ड नंबर 5 से शिवसेना (शिंदे समूह) ने उम्मीदवार बनाया है. वहीं, योगेश गोन्नाडे की बेटी कृतिका गोन्नाडे को शिंदे सेना ने वार्ड नंबर 8 से उम्मीदवार बनाया है. योगेश गोन्नाडे की मां का कल निधन हो गया. उनका अंतिम संस्कार आज नागपुर के श्मशान घाट में किया गया.

इस बीच, नामांकन पत्र दाखिल करने की अंतिम तिथि कल दोपहर तीन बजे थी, लेकिन स्थानीय शिवसेना नेता सीधे श्मशान घाट गए और योगेश गोन्नाडे और कृतिका गोन्नाडे को उम्मीदवारी के फॉर्म सौंप दिए. एक तरफ अपनी मां के निधन के दुख से जूझते हुए और दूसरी तरफ उम्मीदों पर पानी फेरते हुए मिली उम्मीदवारी से उत्साहित होकर योगेश गोन्नाडे ने अपना नामांकन पत्र दाखिल किया. यह घटना शहर में गरमागरम चर्चा का विषय बन गई है.

छत्रपति संभाजीनगर में भूख हड़ताल

दिव्या मराठे ने छत्रपति संभाजीनगर स्थित भाजपा के केंद्रीय प्रचार कार्यालय में भूख हड़ताल शुरू कर दी है. वार्ड नंबर 20 से टिकट न मिलने के बाद उन्होंने यह भूख हड़ताल शुरू की. उन्होंने अपनी नाराजगी जताते हुए कहा कि उनके काम के बावजूद उन्हें टिकट नहीं दिया गया और रसोई में जाकर एक महिला उम्मीदवार को टिकट दे दिया गया.

पिछले 18 वर्षों से भाजपा कार्यकर्ता रहीं दिव्या मराठे अतुल सावे और भगवत कराड से नाराज हैं. उन्होंने दृढ़ संकल्प व्यक्त किया है कि जब तक उन्हें अनुमोदित पार्षद पद दिए जाने का लिखित आश्वासन नहीं दिया जाता, तब तक वे भूख हड़ताल नहीं छोड़ेंगी.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.

Please Pay your remaining balance to remove this banner !
इस बैनर को हटाने के लिए कृपया अपनी शेष राशि का भुगतान करें !