असम के मोरीगांव जिले में सोमवार तड़के भूकंप के तेज झटके लगे. नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) के मुताबिक यह भूकंप सुबह 4 बजकर 17 मिनट 40 सेकेंड पर आया. रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 5.1 मापी गई है. बताया जा रहा है कि भूकंप के झटके इतने तेज थे कि लोगों की नींद खुल गई. कई इलाकों में लोग घरों से बाहर निकल आए. वहीं इससे पहले 3 बजकर 33 मिनट 32 सेकेंड पर त्रिपुरा के गोमती में रिक्टर स्केल पर 3.9 तीव्रता का भूकंप आया.
एनसीएस के अनुसार भूकंप का केंद्र असम के मोरीगांव जिले में स्थित था. भूकंप की गहराई 50 किलोमीटर थी. बता दें कि भूकंप के झटके मोरीगांव के अलावा कई जिलों में महसूस किए गए. इसके साथ ही पड़ोसी राज्य मेघालय की राजधानी शिलॉन्ग में भी लोगों ने कंपन महसूस होने की बात कही. इसके साथ ही त्रिपुरा के गोमती में रिक्टर स्केल पर 3.9 तीव्रता का भूकंप आया.
मोरीगांव जिले में आया भूकंप
अधिकारियों ने बताया कि अभी तक किसी के घायल होने या संपत्ति को नुकसान पहुंचने की कोई खबर नहीं है. राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र की रिपोर्ट के अनुसार, यह भूकंप ब्रह्मपुत्र नदी के दक्षिणी तट पर स्थित मोरीगांव जिले में सुबह 4:17 बजे 50 किलोमीटर की गहराई पर दर्ज किया गया. रिपोर्ट में आगे बताया गया है कि भूकंप का केंद्र मध्य असम में 26.37 उत्तरी अक्षांश और 92.29 पूर्वी देशांतर पर स्थित था.
पड़ोसी कामरूप महानगरपालिका, नागांव, पूर्वी कार्बी आंगलोंग, पश्चिमी कार्बी आंगलोंग, होजाई, दीमा हसाओ, गोलाघाट, जोरहाट, शिवसागर, चराइदेव, कछार, करीमगंज, हैलाकांडी, धुबरी, दक्षिण सालमारा-मनकाचर और गोलपारा जिलों के लोगों ने भी भूकंप के झटके महसूस किए.
कई राज्यों में महसूस किए गए झटके
दरांग, तामुलपुर, सोनितपुर, कामरूप, बिश्वनाथ, उदलगुरी, नलबाड़ी, बजाली, बारपेटा, बक्सा, चिरांग, कोकराझार, बोंगाईगांव और ब्रह्मपुत्र के उत्तरी तट पर स्थित लखीमपुर में भी भूकंप का झटका महसूस किया गया. मध्य-पश्चिमी अरुणाचल प्रदेश के कुछ क्षेत्रों, पूरे मेघालय और नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा और पश्चिम बंगाल के कई इलाकों में भूकंप के झटके महसूस किए गए.
घरों से बाहर भागे लोग
रिपोर्ट के अनुसार, मध्य-पूर्वी भूटान, चीन और बांग्लादेश के कुछ हिस्सों में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए. भूकंप के झटकों से लोग नींद से जागकर अपने घरों से बाहर खुले इलाकों में भागने को मजबूर हो गए.पूर्वोत्तर क्षेत्र उच्च भूकंपीय क्षेत्र में आता है, जिससे यह भूकंप के प्रति संवेदनशील क्षेत्र बन जाता है.
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