Local & National News in Hindi

राजस्थान में SIR पर छिड़ा ‘वोटर लिस्ट’ युद्ध: BLO का वीडियो वायरल होने के बाद भड़की कांग्रेस, अधिकारियों को दी सीधी चेतावनी

36

देश के अलग-अलग राज्यों में एसआईआर होने के बीच सियासत राजस्थान में गरमा गई है. पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने इस मामले में गंभीर आरोप लगाए हैं. इस मामले में जयपुर में की गई संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में दोनों ने सरकार और प्रशासन पर ‘वोट चोरी’ का आरोप लगाया है. गोविंद सिंह डोटासरा ने अधिकारियों को चेतावनी दी है. उन्होंने कहा कि अगर लोकतंत्र के साथ खिलवाड़ हुआ तो अंजाम बुरा होगा.

उन्होंने अधिकारियों को चेताते हुए कहा कि अगर नियमों से परे जाकर किसी अधिकारी ने गड़बड़ की, तो हम उनकी पुंगी बजा देंगे.’ डोटासरा ने बीजेपी के नेता और कार्यकर्ताओं पर आरोप लगाया है कि ये सभी बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) पर दबाव बना रहे हैं. उन्होंने लक्ष्मणगढ़ का भी उदाहरण दिया.

नए नाम जोड़ने का दिया टार्गेट

डोटासरा ने कहा कि नौरंग चौधरी (Naurang Chaudhary) नाम का बीजेपी कार्यकर्ता बीएलओ के यहां फॉर्म फेंककर जाता है और जबरन नाम जुड़वाता है. डोटासरा ने प्रेस कांफ्रेंस में ये जानकारी दी कि कुछ अधिकारियों ने तो बीएलओ का OTP लिया. साथ ही बल्क (Bulk) में नाम जोड़े. डोटासरा के कहा कि हर बूथ पर 50-50 नए नाम जोड़ने का टारगेट दिया गया है.

टीकाराम जूली ने कहा कि अगर बीजेपी को जीतने की इतनी ही भूख है, तो फिर चुनाव ही बंद करवा देने चाहिए. उन्होंने कहा फर्जीवाड़े इतने हैं कि 500-500 प्रिंटेड फॉर्म्स के जरिए नाम काटे जा रहे हैं, जिनके फॉर्म काटे जा रहे हैं उनमें मोबाइल नंबर तक नहीं है.

बीएलओ का वीडियो वायरल

जयपुर के हवामहल विधानसभा में बीएलओ कीर्ति कुमार शर्मा ने कहा कि मैं कलेक्टर और मैडम के सामने लिस्ट लेकर बैठूंगा और आज उन्हीं के सामने मरूंगा. सोशल मीडिया पर ये वीडियो काफी वायरल हो रहा है. इस वीडियो को कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने भी अपने सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए इस मामले में सवाल उठाया है.

ये बीजेपी की सोची-समझी साजिश

राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने गुरुवार को आरोप लगाते हुए कहा कि बीजेपी सरकार राज्य में ड्राफ्ट वोटर लिस्ट पर दावे और आपत्तियां दाखिल करने के आखिरी दिन वोटर लिस्ट में हेरफेर करने के लिए प्रशासन का गलत इस्तेमाल किया. उन्होंने सोशल मीडिया X पर कहा कि SIR के आखिरी दिन, EROs के ज़रिए एक सोची-समझी साजिश को अंजाम दिया गया. ऐसा इसलिए, ताकि BLOs (बूथ लेवल अधिकारियों) पर कांग्रेस समर्थक वोटरों के नाम हटाने का दबाव डाला जा सके. BLOs को पहले से भरे हुए फॉर्म 7 भी दिए गए, जो चुनावी प्रक्रिया की ईमानदारी पर सीधा हमला है.

कांग्रेस नेता अशोक गहलोत ने अपनी पोस्ट में लिखा कि कई जगहों पर जब प्रशासनिक अधिकारियों और BLOs ने लोकतंत्र पर इस हमले में हिस्सा लेने से इनकार कर दिया तो सत्ताधारी पार्टी के सदस्यों ने उन्हें ट्रांसफर की धमकी दी. उन्होंने कहा कि बीजेपी ने इस गुस्ताखी भरे काम से लोगों और लोकतंत्र का अपमान किया है.

‘बीजेपी के दबाव में संविधान का उल्लंघन’

कांग्रेस नेता अशोक गहलोत ने कहा कि मेरे अपने निर्वाचन क्षेत्र सरदारपुरा में भी ऐसे प्रयास किए गए. मैंने मुख्य चुनाव अधिकारी से फोन पर बात की है और उन्हें इस मामले की जानकारी दी है. इसके साथ ही तुरंत कार्रवाई की मांग की है. अशोक गहलोत ने कहा कि मैं उन अधिकारियों को भी चेतावनी देना चाहता हूं जो बीजेपी के दबाव में संविधान का उल्लंघन कर रहे हैं.

समय जल्दी बदलता है, सरकारें आती-जाती रहती हैं, लेकिन अगर आपने नियमों के खिलाफ काम किया है, तो कानून के तहत आपकी जवाबदेही तय की जाएगी और सख्त कार्रवाई की जाएगी. इससे पहले दिन में उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से इस कथित गतिविधि के खिलाफ सतर्क रहने का आग्रह किया. उन्होंने कहा कि मैं सभी कांग्रेस कार्यकर्ताओं और बूथ-स्तरीय अध्यक्षों से अपील करता हूं कि वे इस पर कड़ी नज़र रखें. साथ ही यह भी सुनिश्चित करें कि कोई भी वैध वोट लिस्ट से न हटाया जाए. उन्होंने कहा कि यह बेचैनी दिखाती है कि बीजेपी को हार का सामना करना पड़ेगा.

42 लाख वोटर्स के नाम हटा दिए गए

राजस्थान की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट 16 दिसंबर, 2025 को प्रकाशित हुई थी. 5.46 करोड़ वोटरों में से लगभग 42 लाख वोटरों के नाम हटा दिए गए थे. दावे और आपत्तियां दाखिल करने के लिए एक महीने का समय दिया गया था, जिसकी आखिरी तारीख 15 जनवरी थी. दावों और आपत्तियों पर सुनवाई, सत्यापन और फैसले 7 फरवरी तक किए जाएंगे और अंतिम वोटर लिस्ट 14 फरवरी को प्रकाशित की जाएगी.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.