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बांसुरी स्वराज का AAP पर तीखा हमला: बोलीं— ‘लोकतंत्र को नुकसान पहुँचा रही है आम आदमी पार्टी’, दिल्ली-पंजाब सरकार को घेरा

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 भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि वह योजनाबद्ध तरीके से लोकतांत्रिक संस्थाओं और स्वतंत्र मीडिया को दबाने का प्रयास कर रही है। भाजपा नेता और सांसद बांसुरी स्वराज ने एक प्रेस वार्ता में कहा कि सरकार आलोचना से घबराकर सत्ता का दुरुपयोग कर रही है।

सांसद बांसुरी स्वराज ने आरोप लगाया कि जैसे ही एक प्रमुख समाचार समूह ने सरकार की नीतियों और नेतृत्व पर सवाल उठाए, उसके बाद से उस मीडिया संस्थान को निशाना बनाया जाने लगा। स्वराज के मुताबिक, विभिन्न सरकारी विभागों के जरिए लगातार दबाव बनाया गया और कार्रवाई के नाम पर डराने की कोशिश की गई। उन्होंने कहा कि, 31 अक्तूबर 2025 को ‘पंजाब केसरी ग्रुप’  द्वारा प्रकाशित एक लेख जिसमें अरविंद केजरीवाल की अलोचना की गई थी, उसके बाद सरकार ने बदले की पॉलिसी अपनाई। 11 से 15 जनवरी के बीच, पंजाब केसरी के जालंधर प्रेस और होटलों जैसे दूसरे बिजनेस ठिकानों पर पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड, IT डिपार्टमेंट और पंजाब पुलिस समेत रेड मारी। इससे पहले, सरकारी एड्स पर रोक लगाकर संस्था का फाइनेंशियली गला घोंटने की भी कोशिश की गई थी।

भाजपा नेता ने दावा किया कि अलग-अलग विभागों की टीमें एक साथ भेजकर प्रेस प्रतिष्ठानों और उनसे जुड़े व्यावसायिक ठिकानों पर जांच के नाम पर हस्तक्षेप किया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि रात के समय अखबार वितरण से जुड़े लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को कुचलने की कोशिश की गई। बांसुरी स्वराज ने सवाल उठाया कि क्या सरकार अपनी विफलताओं से ध्यान हटाने के लिए मीडिया पर हमला कर रही है।

आम आदमी पार्टी ने 2015 में दिल्ली सरकार में आते ही दमन शुरू कर दिया था। BJP ने बताया कि नवंबर 2025 में आधी रात को पंजाब पुलिस ने कार्रवाई करते हुए अखबार बांटने वालों को गिरफ्तार किया और उनके मोबाइल फोन गैर-कानूनी तरीके से जब्त कर लिए। जिन अखबारों में सरकार के खिलाफ आर्टिकल थे, उन्हें जला दिया गया। BJP ने सवाल उठाया कि क्या सरकार अपनी नाकामी छिपाने के लिए मीडिया को कुचलना चाहती है?

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बांसुरी स्वराज ने कहा कि आम आदमी पार्टी की यह दबाने की पॉलिटिक्स नई नहीं है, बल्कि यह ‘AAP’ का पैटर्न रहा है। चाहे दिल्ली में कोविड के दौरान WhatsApp ग्रुप से पत्रकारों को हटाना हो या लुधियाना में ‘शीश महल’ की स्टोरी कवर करने वाली महिला पत्रकार को गिरफ्तार करना हो, ये सभी मीडिया की आवाज दबाने की कोशिशें हैं। BJP ने याद दिलाया कि कुमार विश्वास और तेजिंदर बग्गा जैसे नेताओं के खिलाफ भी पंजाब पुलिस का गलत इस्तेमाल किया गया था।

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